हाईवे से सटे इलाकों में शराब बैन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र पर इसका साफ असर दिखाई दे रहा है। प्रदेश सरकार का कहना है कि इससे सात हजार करोड़ रुपए के सलाना राजस्व का नुकसान होगा।
आबकारी मंत्री चंद्रशेखर बवांकुले ने विधानसभा में कहा, राज्य में कुल 25513 लाइसेंसी शराब की दुकान है। इनमें से 15,699 आउटलेट हाईवे के किनारे हैं, जो पूरी तरह से प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है तो हम इसका पालन करेंगे। हम राजस्य के लिए कुछ दूसरी व्यवस्था को अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों के मालिक यदि दायरे के अंदर आते हैं और वह कहीं और लाइसेंस चाहते हैं तो उनसे ट्रांसफर फीस नहीं लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार, निगम क्षेत्र जिनकी आबादी 20 हजार या इससे कम हैं वहां 220 मीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं होंगी। साइबर हब व सेक्टर-29 के पब-बार मालिकों का दावा है उनकी दुकानें 500 मीटर के दायरे में नहीं आती हैं। एसओआई 7 के प्रबंध निदेशक अश्वनी महाजन के मुताबिक साइबर हब की के पब-बार सुरक्षित हैं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दायरे में नहीं आते।