देश में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) ने रविवार को एक और मील का पत्थर पार कर लिया। विमानवाहक पोत से स्वदेशी युद्धक विमान एलसीए के संचालन संबंधी सभी प्रौद्योगिकी का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हुआ। एलसीए (नौसेना) प्रोटोटाइप-2 ने शाम 4.21 बजे स्की जंप से उड़ान भरी और ठीक दस मिनट बाद 4.31 बजे उसी जगह पर उतरा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एलसीए-नौसेना को मिली इस कामयाबी पर बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि डीआरडीओ, एडीए, एचएएल और नौसेना के बीच समन्वय और तालमेल से यह सफलता मिली। इस सफलता ने एलसीए नेवी के मौलिक शोध कार्यक्रम को पूरा कर लिया है। इस सफलता के बाद एलसीए नेवी के डिजाइन को अंतिम रूप देने पर कार्य किया जाएगा।
इससे पहले डीआरडीओ ने इसी महीने एलसीए-तेजस के नौसेना वर्जन की अरेस्टिंग लैंडिंग कराई थी। अरेस्टिंग गियर की सहायता से किसी भी लड़ाकू विमान को छोटे रनवे जैसे विमानवाहक पोत पर आसानी से लैंड कराया जा सकता है। इस सफल परीक्षण के बाद अब एलसीए-तेजस को विक्रमादित्य विमानवाहक पोत पर तैनात किया जा सकेगा। भारत अमेरिका से शार्ट टेक ऑफ बट अरेस्ट रिकवरी ट्रूल्स को खरीदने का मन बना रहा है। इसे इस्तोबार बोला जाता है।