यूनेस्को की धरोहरों में शामिल ग्रेट लिविंग चोल मंदिर के शहर में एक पिता को दो साल पहले अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में कोर्ट ने एक के बाद एक लगातार 4 बार लगातार आजीवन कैद काटने की सजा सुनाई है। महिला कोर्ट की जज बालाकृष्णन ने मंगलवार को ये फैसला सुनाया, इसका अर्थ है कि 50 वर्षीय आरोपी सुब्रमण्यम को अपनी जिंदगी की आखिरी सांस तक जेल में ही रहना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पाट्टूकोट्टई जिले के सुब्रमण्यम ने वर्ष 2016 में अपनी पत्नी के बाहर जाने पर घर में ही अपनी बेटी के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने अपनी 17 साल की बेटी को ये घटना किसी को भी नहीं बताने के लिए धमकी दी और कई बार उसके साथ अलग-अलग मौकों पर दुष्कर्म किया।
वर्ष 2017 के मार्च महीने में उसकी बेटी के पेट में दर्द होने पर उसके गर्भवती होने की जानकारी मिली थी। कुछ सप्ताह बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया। अपनी मां के लगातार पूछे जाने पर उसने पिता के दुष्कर्म करने की जानकारी दी।
शराब पीने के आदी सुब्रमण्यम की पत्नी की शिकायत पर पाट्टूकोट्टई की महिला पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए सुब्रमण्यम को गिरफ्तार कर लिया था।