कश्मीर स्थित 15 बटालियन जवानों के बीच वह ‘टिनी ढिल्लन’ के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने दिसंबर 1983 में राह से भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाने और उनके परिजनों से मिलाने के लिए ऑपरेशन मां अभियान चलाया था।
कश्मीर में 1983 में ‘ऑपरेशन मां’ अभियान चलाने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए। अपने 39 साल के करियर में उन्होंने कई जगहों पर भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दीं। उनकी आखिरी तैनाती रक्षा खुफिया विभाग (डीआईए) में डीजी रैंक पर थी। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद डीआईए की कमान लेफ्टिनेंट जनरल जीएवी रेड्डी को सौंप दी गई है।
विज्ञापन
कश्मीर स्थित 15 बटालियन जवानों के बीच वह ‘टिनी ढिल्लन’ के नाम से प्रसिद्ध थे। उन्होंने दिसंबर 1983 में राह से भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाने और उनके परिजनों से मिलाने के लिए ऑपरेशन मां अभियान चलाया था। उस वक्त उन्होंने सभी युवाओं से अपील की थी कि वह अपनी मां और देश की मां के लिए वापस आए और सेना में शामिल होकर भारत माता की सेवा करें। इस अपील का असर राह से भटके युवाओं पर भी पड़ा था। उनके साहसिक कार्यों के कारण परम विशिष्ट सेवा मेडल और उत्तम युद्ध सेवा मेडल समेत कई पदक से सम्मानित किए गए।