सरकार की अपने स्वामित्व वाली भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी बेचने की योजना के विरोध में उसकी कर्मचारी यूनियनों ने मंगलवार को एक घंटे का कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन किया। बीमा कंपनी के कर्मचारियों ने देश भर में अपने कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट में एलान किया था कि सरकार आईपीओ के माध्यम से आंशिक रूप से अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। सरकार की एलआईसी में 100 फीसदी हिस्सेदारी है। यूनियन ने एक बयान में कहा कि एलआईसी वर्षों से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है, इसलिए इसकी सूचीबद्धता का प्रस्ताव राष्ट्र के हित में नहीं है।
5 करोड़ रुपये के पूंजी आधार पर वित्त वर्ष 2019 के अंत तक एलआईसी का मूल्यांकन 53,211.91 करोड़ रुपये, जीवन कोष 28.28 लाख करोड़ रुपये और प्रबंधन अधीन संपत्तियां 31.11 लाख करोड़ रुपये थीं। यूनियन ने बयान में कहा कि देश के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक होने के नाते एलआईसी के निजीकरण के किसी भी कदम से आम आदमी का भरोसा कमजोर होगा और यह हमारी वित्तीय संप्रभुता के खिलाफ होगा।