नौवें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला एवं शिखर सम्मेलन (एमएसएमई एक्स्पो- 2023) के शुभारंभ के अवसर पर मनोज सिन्हा ने कहा कि आज भारत में कुल उत्पादन का करीब 45 प्रतिशत इसी क्षेत्र से आता है। यह क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार सृजन एवं निर्यात में अहम है। आज देश में 6.30 करोड़ एमएसएमई इकाईयां काम कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि देश के विकास में छोटे और मझोले उद्योगों का बड़ा योगदान है। यदि देश को दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनना है तो इस सेक्टर को और ज्यादा मजबूती दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर ने देश के आर्थिक विकास को समावेशी एवं संतुलित बनाया है। समाज में समरसता का यह महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
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नौवें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला एवं शिखर सम्मेलन (एमएसएमई एक्स्पो- 2023) के शुभारंभ के अवसर पर मनोज सिन्हा ने कहा कि आज भारत में कुल उत्पादन का करीब 45 प्रतिशत इसी क्षेत्र से आता है। यह क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार सृजन एवं निर्यात में अहम है। आज देश में 6.30 करोड़ एमएसएमई इकाईयां काम कर रही हैं।
एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम के ग्लोबल चेयरमैन रजनीश गोयनका ने कहा कि देश में करीब 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार इसी क्षेत्र से मिला हुआ। यानी करीब 60 करोड़ की आबादी किसी न किसी रुप में इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि वह बीते नौ सालों से एमएसएमई, स्टार्टअप, व्यापार, उद्योग, महिलाओं, एसटी-एससी, गांव और आदिवासी उद्यमियों के विकास के लिए लगातार लघु उद्यमियों की राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त एवं संयुक्त आवाज के रुप में काम कर रहे हैं।
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9वें एमएसएमई एक्सपो- 2023 में रूस एक विशेष पैवेलियन लगाकर ग्लोबल समिट सेशन में भाग ले रहा है। रूस को भारत से 500 से अधिक वस्तुओं की आवश्यकता है जिसे भारत दे सकता है। यही कारण है कि इस कार्यक्रम का महत्त्व बढ़ गया है। यह भारत के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।