लोकसभा में बुधवार को कार्यवाही के दौरान संसद में घुसे मनोरंजन के पिता देवराज गौड़ा अपने बेटे की हरकत से शर्मसार हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके बेटे ने कुछ गलत किया है तो उसे फांसी पर लटका दो। मनोरंजन मैसूर के विजयनगर इलाके का रहने वाला है।
पिता देवराज ने कहा कि मनोरंजन ने बीई की पढ़ाई पूरी की थी। एचडी देवेगौड़ा ने ही मेरे बेटे को बीई की सीट दी थी। वह दिल्ली और बंगलूरू आता-जाता रहता था। उन्हें नहीं पता था कि उनका बेटा ऐसी हरकत करेगा। उन्होंने कहा कि मेरी पहचान किसी पार्टी से नहीं है। मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे ने ऐसा क्यों किया। जिसने ऐसा गलत काम किया वह मेरा बेटा नहीं हो सकता।
संसद के अंदर और बाहर क्या-क्या हुआ?
दरअसल, बुधवार दोपहर में दो आरोपी मनोरंजन डी और सागर शर्मा लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए और उन्होंने कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया, जिससे सांसदों में के बीच अफतरातफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ा और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद उन्हें सदन में मौजूद मार्शल के हवाले किया गया।
दूसरी ओर उनके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया और नारेबाजी की। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ललित और विशाल शर्मा के रूप में दो अन्य आरोपी भी इस साजिश में शामिल थे। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि ललित फिलहाल फरार है।
अब पढ़ें प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
इससे पहले लोकसभा के दर्शक दीर्घा में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी मोहन दानप्पा ने बताया कि हम लोकसभा की कार्यवाही देखने आए थे। अचानक दो प्रदर्शनकारी गैलरी से कूद कर सदन कक्ष में चले गए और कैन से पीली गैस छोड़ी और सांसदों द्वारा पकड़े जाने से पहले नारे लगाए। कुछ सांसदों ने उन्हें पीटा भी। इसके बाद आरोपियों को सुरक्षाकर्मियों को सौंप दिया गया।
दानप्पा के मुताबिक, जब यह घटना घटी तब लोकसभा की गैलरी में लगभग 30 से 40 आगंतुक बैठे थे। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी नारायण स्वामी ने कहा कि सुरक्षा की पांच परतों के बावजूद संसद के अंदर इस तरह की घटना देखना चौंकाने वाला था। उसी समय एक महिला सहित दो व्यक्तियों ने भी संसद परिसर के बाहर 'तानाशाही नहीं चलेगी' के नारे लगाते हुए कैन से रंगीन गैस का छिड़काव किया।
सीआरपीएफ डीजी के नेतृत्व वाली समिति करेगी सुरक्षा में चूक की जांच
इस बीच सीआरपीएफ केडीजी अनीश दयाल सिंह की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय ने एक जांच समिति का गठन किया है। यह समिति संसद की सुरक्षा में हुई चूक की जांच करेगी। मंत्रालय ने यह फैसला लोकसभा सचिवालय के आग्रह पर लिया है। समिति में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञों को भी शामिल किया है। समिति संसद की सुरक्षा में सेंध के कारणों की जांच करेगी। साथ ही खामियों की पहचान करेगी और आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। समिति जल्द से जल्द संसद में सुरक्षा में सुधार के सुझावों समेत सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।