लोकसभा में बुधवार को सुरक्षा में चूक का बड़ा मामला सामने आया। बीच कार्यवाही के दौरान ही दो युवक दर्शक दीर्घा से सीधा सदन में कूद गए। लोकसभा में हंगामे के दौरान हनुमान बेनीवाल, मलूक नागर और गुरजीत सिंह अजौला भी उपस्थित थे, जिन्होंने युवकों को काबू करने में अहम भूमिका निभाई। तीनों सासंदों की दिलेरी देख अन्य साथी सांसदों ने उनकी तारीफ की और उन्हें रक्षक के रूप में संबोधित किया। साथी सदस्यों ने फरिश्ते बनकर आए तीनों सांसदों की तारीफ करते हुए सेल्फी ली।
बेनीवाल ने पहले युवक को पकड़ा
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) सासंद हनुमान बेनीवाल ने बताया कि संसद में शून्यकाल चल रहा था। सदन में कई सांसद बैठे थे। इसी दौरान अचानक दो लोग ऊपर से कूद गए। युवकों को देख सदस्य चौंक गए। दोनों युवक बेंचों से कूदते-कूदते स्पीकर की कुर्सी की ओर जा रहे थे लेकिन उससे पहले ही सांसद चौकन्ना हो गए और युवकों को घेर लिया। सभी दलों के सांसदों ने एकता दिखाई और एक युवक को कब्जे में कर लिया। युवकों ने अपने जूतों में कुछ छिपा रखा था, जैसे ही हमने उन्हें पकड़ा वैसे ही उन्होंने गैस छोड़ दी। चारों ओर धूआं देख सदस्य घबरा गए। यह सुरक्षा में बड़ी चूक है। हम घटना की जांच की मांग करते हैं।
अजौला ने कनस्तर छीनकर फेंका
वहीं, कांग्रेस सांसद अजौला ने बताया कि दोनों युवक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर बढ़ रहे थे, जिनमें से एक को तो बेनीवाल ने ही पकड़ लिया। दूसरे व्यक्ति को जैसे ही हम पकड़ा चाहे वैसे ही वह कुछ लहराने लगा। उसमें से गैस निकल रही थी। मैंने वह छीनकर बाहर फेंक दिया। दोनों सदस्य तानाशाही बंद करो जैसे नारे लगा रहे थे। उन्होंने एक बड़ा संदेश दिया है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
नागर ने दूसरे युवक को पकड़ा
बसपा के सासंद नागर ने बताया कि सदन की कार्यवाही के दौरान अचानक पीछे से एक धड़ाम की आवाज आई। किसी के गिरने की आवाज थी। हमने पीछे देखा तो एक युवक सदन में बेंच पर खड़ा था तो दूसरा लटका पड़ा था। एक लड़का अध्यक्ष की ओर भागा, जिसे बेनीवाल ने जकड़ लिया। साथ ही मैंने और अन्य सांसदों ने दूसरे युवक को घेर लिया।
संसद के अंदर और बाहर क्या-क्या हुआ?
दरअसल, बुधवार दोपहर में दो आरोपी मनोरंजन डी और सागर शर्मा लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए और उन्होंने कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया, जिससे सांसदों में के बीच अफतरातफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ा और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद उन्हें सदन में मौजूद मार्शल के हवाले किया गया। दूसरी ओर उनके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया और नारेबाजी की। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ललित और विशाल शर्मा के रूप में दो अन्य आरोपी भी इस साजिश में शामिल थे। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि ललित फिलहाल फरार है।
सीआरपीएफ डीजी के नेतृत्व वाली समिति करेगी सुरक्षा में चूक की जांच
इस बीच सीआरपीएफ केडीजी अनीश दयाल सिंह की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय ने एक जांच समिति का गठन किया है। यह समिति संसद की सुरक्षा में हुई चूक की जांच करेगी। मंत्रालय ने यह फैसला लोकसभा सचिवालय के आग्रह पर लिया है। समिति में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञों को भी शामिल किया है। समिति संसद की सुरक्षा में सेंध के कारणों की जांच करेगी। साथ ही खामियों की पहचान करेगी और आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी। समिति जल्द से जल्द संसद में सुरक्षा में सुधार के सुझावों समेत सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।