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तपस्या कर रहे साधु के सामने आ खड़ी हुई मादा तेंदुआ, और फिर...

Wed, 08 Jun 2016 04:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दोघट (बागपत)
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गांव के जंगल में मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ घूम रही है।
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यूपी के बागपत में पुसार गांव में तपस्या कर रहे साधु के सामने सोमवार रात मादा तेंदुआ और उसके दो शावक आकर खड़े हो गए। साधु और उनके चेले ने कमरे में घुसकर जान बचाई। गांव के जंगल में मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ घूम रही है। कई किसानों पर उन्होंने हमले का भी प्रयास किया, लेकिन वे किसी तरह बच गए।
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किसान सुक्रमपाल, ओमकार, रविंद्र कश्यप, ब्रहमपाल कश्यप आदि का मादा तेंदुआ से आमना-सामना हो चुका है। यह मादा तेंदुआ कभी पुसार के जंगल में, कभी आदमपुर के जंगल में तो कभी कान्हड़ के जंगल में घूम रही है। तेंदुआ के भय से किसानों ने खेतों में भी जाना बंद कर दिया। 
पुसार गांव के बाहर प्रमोद प्रधान के नलकूप पर साधु इंद्रराज तपस्या कर रहे हैं।

सोमवार की रात में जब साधु तपस्या कर रहे थे और उनके पास उनका चेला बैठा हुआ। तभी मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ उनके सामने आ खड़ी हुई। यह देख उनके होश उड़ गए। तेंदुआ जैसे ही उनकी ओर को लपकी तो दोनों नलकूप के कमरे में घुस गए। भयभीत साधु और उसका चेला पूरी रात कमरे में बंद रहे। मंगलवार की सुबह वे कमरे से बाहर निकले और ग्रामीणों को खबर दी।
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गांव के लोगों में तेंदुआ का भय इस कदर है कि वे रात में अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया 2003 में गांव के लोगों ने तेंदुआ को मार गिराया था। इस मामले में गांव के 11 लोग को जेल ही हवा खानी पड़ी थी। जो अब जमानत पर बाहर हैं। ग्रामीण भयभीत है कि उन्होंने तेंदुआ को मार दिया तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा और नहीं मारते तो तेंदुआ उनकी जान की दुश्मन बनी है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से तेंदुआ को पकड़वा कर ग्रामीणों को सुरक्षित करने की मांग की।
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