रमजान का पहला रोजा हिंदू और मुस्लिम भाईचारे की नई मिसाल बना। मौका था प्रेमी-युगल के निकाह का। इसके लिए धर्मेंद्र किरठल के आवास पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में हुई पंचायत में युगल के परिवार की सहमति ली गई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग रमाला पहुंचे और यहां मस्जिद में निकाह कराया गया। इसमें दोनों समुदायों के लोग शामिल हुए।
शामली के लांक गांव निवासी इकबाल परिवार के साथ काफी समय से किरठल में रहता है। गांव के युवक सरताज का इकबाल की बेटी आयशा से प्रेम प्रसंग था। इसका उनके परिजनों को भी पता चल गया था। वह इससे खुश नहीं थे। उन्होंने दोनों को अलग रहने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। रविवार सुबह युवक और युवती घर से चले गए थे। परिजनों ने रमाला थाने पहुंचकर सरताज पर आयशा के बहला-फुसलाकर अपहरण की शिकायत की। दोनों परिवारों के लोग उन्हें तलाश कर घर ले आए थे।
मंगलवार को इस मामले में ग्राम प्रधान सुदेश देवी के आवास पर पंचायत हुई। प्रधान के पति धर्मेंद्र किरठल भी इसमें मौजूद बताए गए हैं। इस दौरान युवक और युवती के परिवार के लोग उनके निकाह के लिए सहमत हो गए। बाद में हंसी-खुशी रमाला गांव की मस्जिद में उनका निकाह हुआ। इस दौरान दोनो ही समुदायों के काफी लोग मौजूद रहे।
धर्मेंद्र किरठल के परिवार के चौधरी प्रमोद का कहना है कि इस संबंध में घर पर काफी लोगों की मौजूदगी में वार्ता हुई थी। युवक और युवती के परिवार की सहमति पर उनका निकाह कराया गया है। रमाला थाना प्रभारी सतीश चंद्रा का कहना है कि किरठल गांव में युवक और युवती का प्रेम प्रसंग था। वे दोनों घर से चले गए थे। खुद ही लौट आए। परिजनों ने सहमति कर उनका निकाह करा दिया है।