सिलिकॉन वैली में अपनी लाखों की नौकरी को छोड़कर एक दंपती अब पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के अपने सपने को पूरा करने के लिए जैविक खेती कर रहा है। यह दंपती गुजरात के नाडियाड राजमार्ग पर स्थित एक जैविक फर्म पर कई फसलों का उत्पादन कर रहा है। यह खेत 10 एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें वे कई फसलों के साथ साथ ऑर्गेनिक गेहूं, केला, आलू और जामुन उगा रहे हैं।
अमेरिका में टेक्नोलॉजी की नौकरी छोड़कर गुजराती मूल के इस जोड़े ने अपनी मातृभूमि भारत में खेती करने का फैसला किया। इन्होंने फार्मकल्चर में डेढ़ महीने का कोर्स करने के बाद जैविक खेती शुरू की है। यह जैविक फलों और सब्जियों के अलावा केले के चिप्स का उत्पादन भी कर रहे हैं। वह चिप्स बनाने में भी जैविक तेल का ही प्रयोग कर रहे हैं।
विवेक शाह कहते हैं कि हम खेत में बाजरा, गेहूं, आलू, केला, पपीता, जामुन, धनिया, और बैंगन जैसी फसलें उगाते हैं। हमने अपने खेत में तालाब भी बनाए हैं और पानी को साफ करने वाले विशेष पौधे उगाए हैं। इसलिए हमारी फसलें साफ पानी से सिंचित हैं।
इस खेत में 20 हजार लीटर से अधिक क्षमता वाला वर्षा जल संचयन संयंत्र भी है। विवेक ने कहा कि हमारे पास 20 हजार लीटर का वर्षा जल संचयन संयंत्र है। एक बार जब यह पूरी तरह से भर जाता है, तो यह अपने खेत की सिंचाई की जरूरतों को तीन साल तक बनाए रख सकता है।
खेती की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक कीटों से हमला है, इस खतरे का मुकाबला करने के लिए, दंपति ने इंटरक्रॉपिंग और मल्टी-क्रॉपिंग को अपनाया है।