राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मामले में कांग्रेस ने पहले ही सरकार पर तेज हमलावर रुख अपना रखा है। अब वामपंथी दलों ने भी इसके खिलाफ पूरे देश में मुहिम छेड़ने की ठान ली है। आगामी 24 अक्टूबर को भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी सहित सभी वामपंथी दल पूरे देश में ‘राफेल लूट विरोधी दिवस’ मनाएंगे। दिल्ली में 24 अक्टूबर को ही एक ‘राफेल मामले पर जनसुनवाई’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें वामपंथी दलों के अलावा सेना के भूतपूर्व शीर्ष अधिकारी भाग लेंगे और इस मामले पर अपनी राय रखेंगे।
वामपंथी दलों ने लोकसभा चुनाव के पूर्व इस मामले को पूरे जोरशोर से उठाने की तैयारी कर रखी है। गत आठ अक्टूबर को मुंबई के आजाद मैदान में एक बड़ी रैली की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी सहित अन्य सभी वामपंथी दल पटना के गांधी मैदान में आने वाले 25 अक्टूबर को इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। 27 नवंबर को रांची में भी एक रैली प्रस्तावित है।
बिहार और झारखंड के आदिवासी जिलों में वामपंथी दलों का अच्छा प्रभाव है। वे वहां पर 2019 में पूरी ताकत के साथ अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने इसके बाबत तैयारी कर ली है और कुछ पार्टियों के साथ तालमेल बनाकर साझा बैनर तले चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।