विपक्षी महागठबंधन बनाने के प्रयास को झटका देते हुए वाम दलों ने लोकसभा चुनाव अपने दम पर लड़ने के संकेत दिए हैं। माकपा नेता अतुल अंजान का कहना है कि हम गठबंधन नहीं विचार बंधन चाहते हैं। कांग्रेस को अपनी नीति साफ करनी होगी।
गुजरात की तरह अब नहीं चलेगा। वहां समान विचारधारा के दलों के साथ गठबंधन तो कर लिया, लेकिन चुनाव अकेले लड़ी। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के बारे में भी कांग्रेस को रुख साफ करना होगा।
राज्यसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार को समर्थन पर ढुलमुल रवैये से वामदलों ने अपना रुख साफ कर दिया है। सत्ता के गलियारे में राज्यसभा उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लगभग तय माना जा रहा है।
क्योंकि इस मामले में संयुक्त विपक्ष का एक राय होना कठिन है। अपने दम पर लोकसभा चुनावों में उतरने के लिए भी वाम दल देश भर में पोल खोल हल्ला बोल कार्यक्रम करने जा रहे हैं।