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Manipur Violence: वाम सांसदों का मणिपुर दौरा, बोले- संसद में उठाएंगे मुद्दा; अमेरिकी राजदूत की निंदा की

Sat, 08 Jul 2023 03:46 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

Manipur Violence: माकपा के राज्यसभा सदस्य बिकास भट्टाचार्य ने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकारें मणिपुर में समस्या का समाधान करने में बुरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा, 'मणिपुर दो महीने से अधिक समय से जल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा।'
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मणिपुर हिंसा: पीड़ितों से मिलते जॉन ब्रिटास - फोटो : ट्विटर/जॉन ब्रिटास
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विस्तार
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वाम सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर की मौजूदा स्थिति पर अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी की टिप्पणी की निंदा की। उन्होंने कहा कि वे संसद के मानसून सत्र में पूर्वोत्तर राज्य में जारी हिंसा का मुद्दा उठाएंगे। तीन दिवसीय दौरे पर यहां आए माकपा और भाकपा सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में शांति पहल शुरू करने के लिए सभी वर्गों के लोगों बीच भरोसा पैदा करने की जरूरत है। 

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सरकार समस्या का समाधान करने में विफल: बिकास भट्टाचार्य
माकपा के राज्यसभा सदस्य बिकास भट्टाचार्य ने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकारें मणिपुर में समस्या का समाधान करने में बुरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा, 'मणिपुर दो महीने से अधिक समय से जल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा। यह राज्य के लोगों के प्रति उनकी घोर लापरवाही को दिखाता है। हम निश्चित रूप से संसद में मणिपुर का मुद्दा उठाएंगे।'

अपनी वैधता खो चुकी मौजूदा सरकार: जॉन ब्रिटास
माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, 'शांति प्रक्रिया शुरू करने के लिए हमें सभी वर्गों के बीच भरोसा पैदा करना होगा। मौजूदा सरकार अपनी वैधता खो चुकी है।' उन्होंने यह भी मांग की कि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को इस्तीफा दे देना चाहिए। ब्रिटास ने कहा, 'दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान हमने कहा कि बीरेन सिंह समस्या का हिस्सा हैं तो, वह इस मुद्दे को कैसे हल कर सकते हैं?'

अमेरिका ने हमेशा मुद्दों को जटिल बनाया: वाम सांसद
वाम सांसदों ने राज्य की स्थिति पर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणियों के बारे में भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'अमेरिका का प्रस्ताव मणिपुर मुद्दे में एक नया बदलाव है। हम जानते हैं कि मुद्दों को सुलझाने के नाम पर जहां भी अमेरिका ने हस्तक्षेप किया, उसने मामलों को जटिल बनाया।'

अमेरिकी राजदूत ने की थी यह टिप्पणी
अमेरिकी राजदूती गार्सेटी ने छह जुलाई को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मणिपुर में हिंसा और हत्याएं 'मानवीय चिंता' का विषय हैं और अमेरिका से स्थिति से निपटने के लिए 'अगर कहा जाता है' तो भारत की मदद करने के लिए तैयार है। 
 

बिनॉय विश्वम ने क्या कहा?
भाकपा नेता बिनॉय विश्वम ने आरोप लगाया कि केंद्र और मणिपुर की भाजपा सरकारों ने अमेरिका के लिए राजनीति का खेल खेलने का मार्ग प्रशस्त किया है। मई की शरुआत से राज्य में इंटरनेट सेवा बंद होने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने हैरानी जताई कि इंटरनेट सेवा के बिना कोई गतिविधि या प्रगति कैसे हो सकती है। 
 

प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
शनिवार को इंफाल से रवाना होने वाले प्रतिनिधिमंडल में माकपा के राज्यसभा सदस्य बिकाशरंजन भट्टाचार्य और जॉन ब्रिटास, भाकपा के राज्यसभा सदस्य विश्वम और संतोष कुमार पी और भाकपा के लोकसभा सदस्य के सुब्बा रायन शामिल हैं।
 

वाम सांसदों ने राहत शिविरों का किया दौरा
बैठक के दौरान वाम सांसदों ने राहत शिविरों का दौरा किया और राज्य की राजधानी इंफाल के अलावा चुराचांदपुर और थौबल जिलों में प्रभावित लोगों से बात की। उन्होंने राज्यपाल अनुसुईया उइके से भी मुलाकात की और शुक्रवार शाम विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 29 जून से मणिपुर की दो दिवसीय यात्रा की। 
 

जातीय हिंसा में जा चुकी 120 से ज्यादा जानें
राज्य में तीन मई को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 120 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। झड़पें तब शुरु हुई थीं जब मैतई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' का आयोजन किया गया। हिंसा को नियंत्रित करने और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मणिपुर पुलिस के अलावा करीब 40,000 केंद्रीय सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
 
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मणिपुर की आबादी में मैतई समुदाय की हिस्सेदारी करीब 53फीसदी है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी नगा और कुकी आबादी का 40 फीसदी हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं।
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