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New Parliament Building: PM पर विपक्ष हमलावर, TMC सांसद ने बताया लोकतंत्र के मंदिर का अपमान, राहुल ने कसा तंज

Sun, 28 May 2023 08:40 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश को आज नया संसद भवन समर्पित किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक सेंगोल संसद भवन में स्थापित कर दिया है। सेंगोल स्पीकर के आसन के पास रखा गया है। उद्घाटन के अवसर पर पीएम मोदी ने 75 रुपये का सिक्का जारी किया है। उद्घाटन समारोह का करीब 20 से अधिक विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया था, जो कार्यक्रम में रविवार को शामिल भी नहीं हुआ। नेताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं पर हमला किया है। कांग्रेस नेता ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मणिपुर हिंसा को लेकर एक शब्द नहीं कहा। वहीं टीएमसी सांसद ने पीएम मोदी के खिलाफ ट्वीट करते हुए कहा कि कैसे पीएम मोदी ने पिछले नौ सालों से संसद का मजाक उड़ाया है और उसका अपमान किया है।

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विपक्ष का हमला। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए भाजपा और पीएम पर हमला किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कि संसद जनता की आवाज है। प्रधानमंत्री ससंद के उद्घाटन को राज्याभिषेक समझ रहे हैं।

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पी चिदंबरम ने भी पीएम पर किया हमला
कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को एक ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि मणिपुर में हिंसा भड़के तीन सप्ताह से अधिक समय बीत गया। हिंसा में 75 लोगों की मौत हो गई। लेकिन माननीय पीएम ने हिंसा के बारे में अब तक एक शब्द नहीं बोला है। इसके अलावा न तो उन्होंने शांति बनाने की अपील की न ही सद्भाव की अपील की है। बस अपने हाथों में सेंगोल ले रखा है।

 

पीएम मोदी ने किया संसद का अपमान
कांग्रेसी नेताओं के अलावा तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी रविवार को ट्वीट पर भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधा है। टीएमसी सांसद ने पीएम मोदी संसद का अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि अगर पीएम मोदी का आई ऑनली लव माई सेल्फ डे (मैं सिर्फ खुद से प्रेम करता हूं वाला दिन ) खत्म हो गया हो तो उन्हें याद दिलाएं कि कैसे पीएम मोदी ने पिछले नौ सालों से संसद का मजाक उड़ाकर लोकतंत्र के मंदिर का अपमान किया है। 

पीएम पर लगाए यह आरोप
टीएमसी सांसद ने ट्वीट में आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में पीएम मोदी ने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया है। सरकार ने 10 में से सिर्फ एक बिल की ही संसदीय जांच कराई गई है। पीएम मोदी द्वारा घोषित अध्यादेशों की तुलना पहले से दोगुनी हो गई है। केंद्र सरकार ने संसद के आठ सत्रों को समय से पहले ही स्थगित कर दिया। विधेयकों पर मतदान करने का विपक्षी सांसदों का अधिकार छीन लिया गया है। चार सालों से संसद में कोई उपाध्यक्ष नहीं है। उन्होंने कहा कि वे लोकतंत्र को कमजोर करना बंद करें।

 

 

राकांपा ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शनकारी पहलवानों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। सुले ने ट्वीट किया कि क्या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके (पहलवानों) साथ मारपीट करने की अनुमति दी थी? केंद्र सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन खिलाड़ियों ने खेलों के माध्यम से हमारे देश का मान बढ़ाया है, वे न्याय के लिए इस तरह की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं। जिन विजेताओं का सभी ने अभिनंदन किया, अब न्याय की मांग करने के कारण वे अचानक खलनायक बन गए हैं। इस बीच राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने इस मुद्दे पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी की आलोचना की। उन्होंने सवाल किया कि स्मृति ईरानी, ये हमारी महिला पहलवान हैं, आप देखें कि उनके साथ कैसा दुर्व्यवहार किया जा रहा है। आप भारत की महिला एवं बाल विकास मंत्री हैं, क्या आपका कर्तव्य नहीं है कि आप उनकी रक्षा करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें। हम आपको केवल राहुल गांधी से जुड़े मुद्दों पर ही बोलते हुए क्यों पाते हैं।
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झारखंड के मुख्यमंत्री ने भी निंदा की
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के साथ कथित बदसलूकी की रविवार को निंदा की। सीएम सोरेन ने एथलीटों को हिरासत में लिए जाने की भी आलोचना की और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे दिन जब नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया गया, भारत के सबसे प्रतिष्ठित चैंपियन पहलवानों, हमारे राष्ट्रीय गौरव के साथ इस तरह की क्रूर और शर्मनाक मारपीट को देखना व्यथित करने वाला है। उनका अपराध - शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के माध्यम से न्याय मांगना है। मैं उनकी हिरासत की कड़ी निंदा करता हूं और उनकी तत्काल रिहाई की मांग करता हूं।
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