केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ ने शनिवार को विपक्षी यूडीएफ पर पलक्कड़ शराब बनाने की यूनिट स्थापित करने की हालिया मंजूरी पर अनावश्यक विवाद पैदा करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के खिलाफ विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। एलडीएफ संयोजक टीपी रामाकृष्णन ने बताया कि वामपंथ सरकार ऐसे मामलों में नियमों और मानदंडों का पालन करती है।
विपक्ष के आरोपों पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रामाकृष्णन ने बताया कि वे सरकार द्वारा लिए गए नवीनतम निर्णय से अनभिज्ञ थे। उन्होंने आगे कहा कि पिनरई विजयन की सरकार में उत्पाद शुल्क मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान शराब बनाने की यूनिटकी मंजूरी के संबंध में एक स्पष्ट नीति बनाई गई थी।
रामाकृष्णन ने कहा, "इस मामले में यूडीएफ के आरोप निराधार हैं। चाहे शराब बनाने की यूनिट या अन्य संस्थान हों, सरकार सख्ती से कानून के अनुसार काम करती है।" उन्होंने बताया कि सरकार के पास ऐसे मामलों के लिए एक सामान्य नीति है। राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को ओएसिस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड को मौजूदा दिशानिर्देशों और शर्तों के अनुपालन के अधीन कांचीकोड, पलक्कड़ में प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी। हालांकि. कांग्रेस ने इस निर्णय की आलोचना की। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने विजयन सरकार पर दिल्ली शराब नीति घोटाले में फंसी एक कंपनी को शराब की यूनिट शुरू करने की अनुमति देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट राज्य की नई शराब नीति का उल्लंघन करती है। आरोप लगाते हुए सतीसन ने कहा, "कंपनी ने दो साल पहले एक कॉलेज स्थापित करने के लिए पलक्कड़ में जमीन खरीदी थी। उसके मालिक को घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।" इसके साथ ही सतीसन ने पूछा कि सरकार ने कंपनी के साथ गुप्त चर्चा क्यों की? जबकि दूसरों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया।