भारतीय सेना में वित्त से जुड़े मामलों की जांच में अब देरी बर्दाश्त नहीं होगी। रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय ने लंबित मामलों की जांच के लिए अपने शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया है। रक्षा लेखा महानियंत्रक द्वारा पहले ऐसे लंबित केसों की जांच रिपोर्ट चेक करने के लिए महीने में एक बार बैठक बुलाई जाती थी। अब वह बैठक 15 दिन में होगी। साथ ही तंत्र को इस बाबत सचेत कर दिया गया है कि वे यह बात ध्यान रखें कि भविष्य में वैसी शिकायतें दोबारा न आएं।
रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय द्वारा वित्त से जुड़े केसों की जांच में तेजी लाने के लिए एक नया सिस्टम तैयार करने की बात कही गई थी। अब ऐसे मामलों की जांच के लिए जो नई मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार की गई है, उसमें लंबित केसों की जांच रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए पंद्रह दिन में समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी। नए नियमों के तहत पहली बैठक पांच जनवरी 2021 को बुलाई गई है।
इसमें उन केसों को रखा जाएगा, जिनका निपटारा 60 दिन में भी नहीं हो सका है। नई एसओपी के तहत एक प्रोफार्मा तैयार किया गया है। इसमें शिकायत की पूरी डिटेल भरनी होगी। केस कितना पुराना है, अभी तक सुलझा क्यों नहीं और संबंधित विभाग ने क्या लिखा है, आदि सवालों का जवाब देना होगा। इतना ही नहीं, जिस अधिकारी ने जांच की है, उसका नाम, मोबाइल और लैंडलाइन नंबर व पदनाम लिखकर यह जानकारी रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय को ईमेल के जरिए देनी होगी।