लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपनाम 'मोदी' को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर किए गए मानहानि के मामले में सूरत की एक अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वकील ने कहा कि उनकी कथित ''मोदी उपनाम'' वाली टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक व्यथित व्यक्ति के तौर पर दायर करनी चाहिए थी।
राहुल गांधी के वकील ने दी यह दलील
राहुल गांधी के वकील किरीट पानवाला ने सूरत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एच एच वर्मा की अदालत को बताया कि सत्तारूढ़ दल के विधायक इस मामले में पीड़ित पक्ष नहीं हैं। साथ ही उपनाम टिप्पणी एक सामाजिक समूह को बदनाम नहीं करती है क्योंकि 'मोदी' समुदाय जैसी कोई चीज नहीं है।
पानवाला ने कहा कि चूंकि राहुल गांधी के इस चुनावी भाषण में 90 प्रतिशत आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ थे, ऐसे में उन्हें ही एक पीड़ित व्यक्ति के रूप में मानहानि के संबंध में शिकायत दर्ज करनी चाहिए थी न कि पूर्णेश मोदी को। इतना ही नहीं, राहुल गांधी के वकील पानवाला ने अदालत से कहा कि मामले में चल रही कार्यवाही 'त्रुटिपूर्ण' थी क्योंकि इस तरह के मामलों में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 202 (प्रक्रिया जारी करने को स्थगित करना) के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
अदालत केरल के वायनाड से कांग्रेस लोकसभा सांसद के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में अंतिम दलीलें सुन रही है। मामले में अब अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी। गौरतलब है कि गुजरात हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में पिछले साल मार्च में लगाए गई कार्यवाही पर अंतरिम रोक हटाने के बाद चार साल पुराने मामले में मुकदमा फिर से शुरू हुआ है।
क्या है मामला
मालूम हो कि कर्नाटक के कोलार में 2019 के लोकसभा चुनावों की रैली के दौरान एक भाषण में कांग्रेस नेता टिप्पणी की थी कि 'सभी चोरों के उपनाम मोदी क्यों हैं?'
भाजपा विधायक ने दर्ज कराया था आपराधिक मानहानि का केस
इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ स्थानीय भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी ने पूरे मोदी समुदाय को बदनाम किया है। इसी मामले को लेकर बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी पटना कोर्ट में केस दर्ज कराया था, जिस मामले में पेशी के लिए राहुल गांधी पटना गए थे।
सूरत की एक अदालत ने इस आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को निजी उपस्थिति से छूट दे दी थी, लेकिन बाद में कोर्ट ने इस निष्कर्ष पर राहुल गांधी को समन भेजा था कि उनके खिलाफ पहली नजर में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 के तहत आपराधिक मानहानि का मामला बनता है।