केंद्र सरकार ने जानीमानी वकील इंदिरा जय सिंह के एनजीओ लॉयर्स कलेक्टिव का लाइसेंस छह माह के निलंबित कर दिया। सरकार ने विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के कथित रूप से उल्लंघन के लिए बुधवार को यह कार्रवाई की।
एनजीओ पर फंड का इस्तेमाल राजनीति से संबंधित रैलियां और धरने करने का आरोप है। इंदिरा जयसिंह यूपीए सरकार के समय अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रह चुकी हैं।
गृहमंत्रालय ने लाइसेंस निलंबित करते हुए एनजीओ से एफसीआरए के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 30 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है। इसके बाद एनजीओ का पंजीकरण भी रद हो सकता है। वहीं, एनजीओ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। एनजीओ ने एक बयान में कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा है कि संगठन को निशाना बनाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि लॉयर्स कलेक्टिव को 2006-07 से 2013-14 के बीच विदेशी धन मिला। लेकिन इसकी ओर से दाखिल किए गए सालाना रिटर्न में कई कमियां मिली हैं। पांच पेज के नोटिस में कहा गया है कि जयसिंह जुलाई 2009 से 5 मई 2014 तक अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल थीं, इस दौरान उन्हें 96.60 लाख रुपये प्राप्त हुए।