दिल्ली की एक जिला अदालत के कोर्टरूम में वकील और उसके मुवक्किल पर हुए हमले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने घटना पर नाराजगी जताई और कहा की ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
दिल्ली की एक जिला अदालत में वकील और उसके मुवक्किल पर हुए हमले का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। यहां वकील ने घटना का जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली की तीस हजारी जिला अदालत में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (एडीजे) हरदीप सिंह पाल की अदालत के अंदर उन पर और उनके मुवक्किल पर हमला हुआ। वकील के मुताबिक, जब वह अपने मुवक्किल (जो एक आरोपी है) की पैरवी कर रहे थे, तभी शिकायतकर्ता और कुछ गुंडों ने उन दोनों को बुरी तरह पीटा।
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वकील ने लगाए आरोप
वकील ने कोर्ट को जानकारी दी कि हमलावरों ने कोर्ट रूम का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था। उस समय जज और कोर्ट के कर्मचारी भी वहीं मौजूद थे। वकील ने आरोप लगाया कि आरोपी का पक्ष लेने की वजह से उन्हें भी निशाना बनाया गया।
क्या बोले मुख्य न्यायाधीश?
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने वकील से सवाल किया कि क्या उन्होंने इस घटना की जानकारी दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को दी है? मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर पुलिस इस मामले में दखल नहीं दे रही है, तो यह कानून की अवहेलना है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना को गुंडा राज बताया और कहा कि ऐसी हरकतें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। बेंच ने वकील को निर्देश दिया कि वह सबसे पहले दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। कोर्ट ने साफ किया कि अदालत परिसर में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।