कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अधिकारियों को सलाह दी कि दुविधा की स्थिति में वे दिल से फैसले लें। उन्होंने कहा कि अफसरों को सिर्फ नियमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संविधान की भावना और जनहित को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को संविधान की जिम्मेदारी निभाने के लिए दिल से फैसले लेने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब अफसरों को जीवन में कोई दुविधा या मुश्किल फैसला लेना हो, तो उन्हें अपने दिल की सुननी चाहिए। मेघवाल ने कहा कि अधिकारियों को केवल नियम-कानून ही नहीं, बल्कि संविधान की भावना और लोगों की भलाई को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए।
इतिहास से सीख लें अधिकारी- मेघवाल
कानून सचिव की सलाह – अफसर अपनाएं नई सोच
इसी दौरान कार्यक्रम में कानून सचिव अंजू राठी राणा ने कहा कि यह प्रशिक्षण सिर्फ एक औपचारिक शुरुआत नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अफसरों को अब पारंपरिक ‘फाइल भेजो और आगे बढ़ो’ वाली सोच से बाहर निकलकर, समाधान देने वाली सोच अपनानी होगी।
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