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WB Poll Violence: टीएमसी और राज्यपाल के बीच खींचतान जारी, सांसद सौगत राय ने कहा- कानून-व्यवस्था उनका काम नहीं

Sun, 18 Jun 2023 01:01 PM IST
देव कश्यप एएनआई, कोलकाता।

सार

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के एसपी सुमित कुमार ने बताया कि साहेबगंज थाना क्षेत्र में शंभू दास नाम के व्यक्ति का शव उसके घर के पास जूट के खेत में मिला। शरीर पर चोट के निशान थे।
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टीएमसी सांसद सौगत राय। - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में हिंसा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। पंचायत चुनाव के दौरान हुई चुनावी हिंसा को लेकर राज्यपाल और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच खींचतान जारी है। इसी बीच टीएमसी सांसद सौगत राय ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों को लेकर कहा कि उनकी पार्टी के तीन लोग मारे गए हैं... कानून और व्यवस्था राज्य सरकार के अधीन है, यह राज्यपाल का काम नहीं है। चुनावी हिंसा को देखना राज्य चुनाव आयुक्त का काम है। चुनावों की घोषणा के बाद राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं होती है।

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सांसद सौगत राय के बयान पर पलटवार करते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कुछ कह रही हैं और सौगत राय कुछ और। राज्य चुनाव आयोग सरकारी रिपोर्ट के आधार पर कह रहा है कि किसी की मौत नहीं हुई और कोई राजनीतिक झड़प नहीं हुई। राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग दोनों चुप बैठे हैं और हिंसा को रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। हम राज्यपाल को धन्यवाद देते हैं जो बंगाल के लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।


केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के दौरान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि न सिर्फ भाजपा नेताओं पर हमले हो रहे हैं, बल्कि पश्चिम बंगाल की जनता की आवाज भी नहीं सुनी जा रही है। वहां कोर्ट के आदेश का सम्मान नहीं किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में अराजकता की स्थिति पैदा की जा रही है और वे देश और दुनिया को अपने तरीके से चलाना चाहते हैं।
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कूच बिहार में मिला एक व्यक्तिक का शव
वहीं, पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के एसपी सुमित कुमार ने बताया कि साहेबगंज थाना क्षेत्र में शंभू दास नाम के व्यक्ति का शव उसके घर के पास जूट के खेत में मिला। शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
 


केंद्रीय बलों की तैनाती के हाईकोर्ट के आदेश का विरोध
बता दें कि कोलकाता हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव के दौरान कुछ जिलों में केंद्रीय बलों की नियुक्ति का आदेश दिया था। वहीं, बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने पंचायत चुनाव से संबंधित मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के कमिश्नर राजीव सिन्हा को शनिवार को राजभवन तलब किया था। लेकिन पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। 

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंचायत चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती और नामांकन की तारीख बढ़ाने की मांग की थी। इस पर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि राज्य निर्वाचन आयोग को राज्य पुलिस के साथ ही पैरामिलिट्री फोर्सेस का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि इसका अंतिम फैसला राज्य निर्वाचन आयोग करेगा और राज्य सरकार से परामर्श के बाद ही वह इस संबंध में फैसला ले सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग सभी संवेदनशील जिलों के लिए केंद्रीय बलों की मांग करेगा और इसका खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। 

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