तमिलनाडु में एक बार फिर सियासी उठा-पटक जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और शशिकला गुट के एक साथ आने की खबरों के बीच पनीरसेल्वम ने कहा कि जयललिता की मौत की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि AIADMK को एक परिवार द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाना चाहिए।
पनीरसेल्वम ने जयललिता की मौत की न्यायिक जांच करते हुए कहा, "अम्मा को किस तरह का इलाज दिया जाता था, ये दुनिया जानना चाहती है।" उन्होंने कहा कि शशिकला को महासचिव बनाया जाना पार्टी के नियमों के खिलाफ और अवैध है।
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इससे पहले सोमवार देर रात राजनीतिक ड्रामा हुआ। जिसके बाद तमिलनाडु में एआईएडीएमके के पन्नीरसेलवम और दिनाकरन गुट के विलय की संभावना तेज हो गई है। इस संबंध में दोनों गुटों ने अपना नरम रुख अपनाना शुरू कर दिया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने कहा है कि AIADMK के शशिकला को समर्थन देने वाले धड़े ने विलय को लेकर बातचीत के लिए एक समिति का गठन किया है।
दोनों गुटों में विलय की संभावना को लेकर तमिलनाडु के 25 मंत्री सोमवार देर रात बिजली मंत्री के थंगमनी के घर पर जुटे और पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेलवम के बयान का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई की दोनों गुटों के फिर से मिल जाने पर पार्टी में और मजबूती आएगी।
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इसके पहले एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एम थंबीदुरई ने कहा है कि वैचारिक मतभेदों के कारण अलग हुए दोनों गुटों के फिर से विलय पर पन्नीरसेलवम कैंप के साथ बातचीत करने के लिए दिनाकरन गुट तैयार है।
दोनों गुटों के विलय को लेकर पिछले दिनों तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेलवम द्वारा दिए गए बयान के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में थंबीदुरई ने कहा कि इसे उनकी तरफ से आमंत्रण न माना जाय क्योंकि वे इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। लेकिन इतना कहना चाहूंगा की पार्टी एक है और इसमें कोई बिखराव नहीं है। लोकतंत्र में मतभेद होते रहते हैं। इनका समाधान होना चाहिए।