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जैश को कश्मीर में फिदायीन हमले, लश्कर को उपद्रव का जिम्मा

Sun, 31 Jul 2016 06:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ छेड़े गए छद्म युद्ध यानी प्रॉक्सी वॉर की रणनीति में बदलाव किया है। पिछले करीब एक साल से लश्कर-ए-तैयबा को पूरी तरह से कश्मीर में केंद्रित कर दिया गया है। संसद और पठानकोट जैसे आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले जैश-ए-मोहम्मद को भारत के अन्य इलाकों में बड़े पैमाने पर फिदायीन हमले करने के लिए मजबूत किया है।
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जैश के निशाने पर दिल्ली, मुंबई, आगरा, झांसी सहित दक्षिण भारत के कई शहर और सैन्य ठिकाने हैं। यह खुलासा अमेरिका की ओर से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को मिले ट्रांसक्रिप्ट से हुआ है।

इन ट्रांसक्रिप्ट में पठानकोट हमले से पहले और बाद में जैश कमांडरों के फेसबुक, ट्विटर और इंटरनेट के जरिये हुई बातचीत की सनसनीखेज जानकारी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए), खुफिया एजेंसी आईबी और रॉ में पाकिस्तान की इस नई रणनीति पर मंथन चल रहा है।
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फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट के सर्वर अमेरिका में ही हैं। लिहाजा, दोनों देशों के बीच हुए आपसी कानूनी सहायता समझौते के तहत अमेरिका ने यह अहम जानकारी साझा की है।
उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि कश्मीर घाटी में जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों की मौजूदगी कमजोर पड़ी है।

हिजबुल मुजाहिद्दीन को भी पीछे छोड़ते हुए अब यहां लश्कर अधिक सक्रिय हो चुका है। यही वजह है कि हिजबुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद लश्कर घाटी में फैली अशांति का श्रेय ले रहा है। फिलहाल हिजबुल सरगना सैयद सलाउद्दीन शांत बैठा है।

लश्कर सरगना हाफिज सईद ने पिछले हफ्ते पाकिस्तान में यह बयान देकर सबका ध्यान खींचा था कि वानी की शवयात्रा में उसके आदमी थे और वे वानी की शहादत का बदला ले रहे हैं। हाफिज के इस दावे के बाद खुफिया एजेंसी को पता चला कि अबु दुजाना नाम का लश्कर कमांडर वाकई वानी की शवयात्रा में मौजूद था। 
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जैश का नया निशाना सैन्य ठिकाने

सूत्रों ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद सरगना मौलाना मसूद अजहर ने पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई  के साथ नई साठगांठ की है। इसके तहत उसे घाटी से हटाकर भारत के अन्य हिस्सों में सिर्फ फिदायीन हमले करने को कहा गया है।

इसके लिए आईएसआई उसे बड़े पैमाने पर धन और  संसाधन मुहैया करा रहा है। सूत्रों ने बताया कि पठानकोट हमले से पहले ही जैश फिदायीन हमले के कई प्रयोग कर चुका है। इन ट्रांसक्रिप्ट से मिले सुराग के मुताबिक उसका निशाना दिल्ली, मुंबई, आगरा, झांसी समेत दक्षिण भारत के शहरों में स्थित सैन्य ठिकाने हैं।

मसूद अजहर वहीं आतंकी सरगना है जिसे विमान अपहरण के बाद कंधार सौदे में भारत ने छोड़ा था।
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