पाकिस्तान से समुद्र के रास्ते भारत में बड़े वारदात को अंजाम देने की आतंकवादियों की कोशिश दरअसल जैश-ए-मोहम्मद का ‘मिशन दिल्ली’ है। बीते शनिवार देर शाम पाकिस्तान सरकार की ओर से गुजरात में हमले की दी गई खुफिया सूचना की समीक्षा के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे देश में अपना जाल बिछा दिया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और खुफिया एजेंसियों ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि जैश-ए-मोहम्मद लश्कर-ए-ताइबा के साथ मिलकर ‘मिशन दिल्ली’ को अंजाम देने पर आमादा है। मामले की गंभीरता के मद्देनजर सोमवार सुबह गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा समीक्षा की उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में खुफिया एजेंसी आईबी के निदेशक दिनेश्वर शर्मा ने गृहमंत्री और गृहसचिव को हालात की जानकारी दी। इससे पहले मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की चार टीमों को देश के अलग अलग हिस्सों के सामरिक लोकेशन पर तैनात किया गया है। बैठक में जैश के मिशन दिल्ली के बारे में विस्तार से समीक्षा की गई है।
उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक 2 जनवरी को पठानकोट में हुए जैश-ए-मोहम्मद के हमले में मारे गए आतंकियों के पास से एक चिट मिली थी। 25 दिसंबर को लिखी गई उस चिट्ठी में पठानकोट से पहले हुए कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए अगला निशाना दिल्ली को बनाने की चेतावनी दी गई है। 25 दिसंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान से भारत लौटते समय अचानक लाहौर का अल्पकालीन दौरा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था।