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Largest Camera: दुनिया के सबसे बड़े कैमरे में दिखा ब्रह्मांड का अद्भुत नजारा, तस्वीरों ने दुनिया को चौंकाया

Tue, 24 Jun 2025 10:11 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

चिली के वेरा सी. रूबिन ऑब्जर्वेटरी में लगे दुनिया के सबसे बड़े 3,200 मेगापिक्सल वाले डिजिटल कैमरे ने पहली बार ब्रह्मांड की अद्भुत तस्वीरें भेजी हैं। इसमें ट्रिफिड नेबुला, लैगून नेबुला और विर्गो क्लस्टर की शानदार झलक मिली। यह कैमरा अगले 10 वर्षों तक हर तीन दिन में पूरे आसमान की तस्वीरें लेगा और 20 अरब आकाशगंगाओं का रिकॉर्ड तैयार करेगा।
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दुनिया का सबसे बड़ा कैमरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ब्रह्मांड की रहस्यमयी दुनिया को समझने की इंसानी कोशिश एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। चिली के वेरा सी. रूबिन ऑब्जर्वेटरी में लगे दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल कैमरे ने पहली बार अंतरिक्ष की ऐसी तस्वीरें भेजी हैं, जिन्हें देखकर पूरी दुनिया हैरान है। 3,200 मेगापिक्सल क्षमता वाला यह कैमरा अब तक का सबसे शक्तिशाली और उन्नत उपकरण है, जिसने ब्रह्मांड की अनदेखी झलक को हमारे सामने रखी है।
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इस ऐतिहासिक कैमरे ने जो पहली तस्वीरें भेजी हैं, उनमें ट्रिफिड नेबुला और लैगून नेबुला की अद्भुत फोटो शामिल हैं। गुलाबी और नारंगी रंगों में चमकते ये क्षेत्र हमारी मिल्की वे आकाशगंगा के हजारों प्रकाश वर्ष दूर स्थित हैं, जहां नए सितारों का निर्माण हो रहा है। यह तस्वीरें सात घंटे में 678 एक्सपोजर के जरिए ली गईं। इसके अलावा कैमरे ने विर्गो क्लस्टर की भी तस्वीर भेजी है, जिसमें अरबों आकाशगंगाएं दिखाई देती हैं। यह क्लस्टर आकार में हमारी मिल्की वे से करीब 100 अरब गुना बड़ा है।

इस खास कैमरे के बारे में जानें
एलएसएसटी (लेगेसी सर्वे ऑफ स्पेस ऐंड टाइम) नाम का यह कैमरा केवल आकार में ही बड़ा नहीं, बल्कि इसकी क्षमता भी अविश्वसनीय है। जहां आम स्मार्टफोन कैमरे 50 मेगापिक्सल तक होते हैं, वहीं एलएसएसटी कैमरा 3,200 मेगापिक्सल का है। इसका आकार एक छोटी कार जितना है और वजन करीब 2,800 किलो है। इसे चिली की पहाड़ी पर इसलिए स्थापित किया गया क्योंकि वहां का सूखा वातावरण और साफ आसमान गहरे अंतरिक्ष की स्पष्ट तस्वीरें लेने के लिए सबसे उपयुक्त है।
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क्या है इस कैमरे का उद्देश्य?
इस कैमरे का उद्देश्य सिर्फ कुछ तस्वीरें लेना नहीं, बल्कि पूरे ब्रह्मांड का मैप तैयार करना है। अगले 10 वर्षों तक यह कैमरा हर रात 1,000 तस्वीरें लेगा और करीब 20 अरब आकाशगंगाओं का कैटलॉग तैयार करेगा। यह प्रोजेक्ट अब तक का सबसे बड़ा, सबसे विस्तृत और उच्च गुणवत्ता वाला टाइम-लैप्स होगा, जिससे वैज्ञानिक ब्रह्मांड की हर छोटी-बड़ी गतिविधि को ट्रैक कर पाएंगे।

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इन तस्वीरों का कितना महत्व?
एलएसएसटी द्वारा ली गई ये तस्वीरें केवल खूबसूरत नज़ारे नहीं हैं, बल्कि विज्ञान के लिए बेहद अहम हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तस्वीरों से हमारी मिल्की वे आकाशगंगा की संरचना को बेहतर समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा डार्क मैटर और डार्क एनर्जी जैसे रहस्यों पर से भी पर्दा उठ सकता है। कुछ वैज्ञानिक तो यह भी मान रहे हैं कि सौरमंडल में लंबे समय से खोजे जा रहे नौवें ग्रह का भी इससे पता चल सकता है।
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तीन दिन में पूरे आसमान को करेगा कैद
वेरा सी. रूबिन ऑब्जर्वेटरी में लगे इस कैमरे की मदद से वैज्ञानिक न सिर्फ ब्रह्मांड की स्थिर तस्वीरें ले रहे हैं, बल्कि एक 'जीवित ब्रह्मांड' का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। हर तीन दिन में यह कैमरा पूरे नजर आने वाले आसमान की तस्वीरें लेगा, जिससे लगातार बदलते ब्रह्मांड को समझने में नई क्रांति आ सकती है। यह इंसान की ब्रह्मांड को समझने की सबसे बड़ी तकनीकी छलांग मानी जा रही है।

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