असम में पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है। इसे हिंसा प्रभावित मणिपुर ले जाया जाना था। विस्फोटक सामग्री की जब्ती रविवार को असम के कछार जिले के रानीघाट में की गई। बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली लगभग 200 जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर बरामद किए गए।
सूत्रों के मुताबिक विस्फोटक सामग्री से भरी बोरी ले जा रहे दो युवकों को जब पुलिस ने चुनौती दी तो वे भाग खड़े हुए। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस बात से इन्कार नहीं कर रही है कि विस्फोट हिंसाग्रस्त मणिपुर ले जाया जाना था।
नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल 10 अगस्त से फिर से शुरू होंगे
मणिपुर के शिक्षा स्कूल निदेशालय ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य में कक्षा नौवीं से बारहवीं कक्षा के लिए सभी स्कूल 10 अगस्त से फिर से शुरू होंगे। इस संबंध में निदेशालय ने सभी जोनल शिक्षा अधिकारियों को तदनुसार कार्रवाई करने को कहा है। मणिपुर में नौवीं से बारहवीं कक्षा वाले 1229 स्कूल विभिन्न प्रबंधनों द्वारा संचालित हैं।
निदेशालय ने बताया कि बहाली का आदेश 28 स्कूलों पर लागू नहीं होगा क्योंकि वे वर्तमान में राहतों में तब्दील किए गए हैं। इन स्कूलों को फिर से शुरू करने के लिए अलग से आदेश बाद में जारी किया जाएगा, इन स्कूलों के छात्रों के लिए पर्याप्त प्रतिपूरक उपाय किए जाएंगे ताकि किसी विद्यार्थी का नुकसान नहीं हो।
मणिपुर में असम राइफल्स की तैनाती को लेकर बंटा पहाड़ और घाटी
हिंसाग्रस्त मणिपुर में असम राइफल्स की तैनाती को लेकर पहाड़ी जिले (कुकी) और घाटी (मैतेई) के लोग बंट गए हैं। एक तरफ पहाड़ी जिलों के लोग असम राइफल्स की तैनाती का समर्थन कर रहे हैं। तो दूसरी ओर घाटी के लोग उन्हें हटाने की मांग पर अड़े हैं। सोमवार को मैतेई महिला निगरानी समूहों की हजारों मीरा पैबिस ने असम राइफल्स के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए ‘असम राइफल्स वापस जाओ’ और ‘हम शांति चाहते हैं’ के नारे लगाए। मणिपुर में हिंसा भड़कने से लेकर अब तक हिंसा में कथित भूमिका के लिए मीरा पैबिस असम राइफल्स से नाराज हैं। उन्होंने असम राइफल्स पर कई तरह के आरोप लगाए। दूसरी ओर, कुकी महिला संगठनों ने मांग की है कि असम राइफल्स को मणिपुर में तैनात किया जाए। उनका कहना है कि असम राइफल्स ही एकमात्र बल है जो मैतेई उग्रवादियों से उनकी रक्षा कर सकता है। असम राइफल्स एक अर्धसैनिक बल है जो कई वर्षों से मणिपुर में तैनात है और उग्रवाद विरोधी अभियान में लगा हुआ है।
वायरल वीडियो मामले में पांच पुलिसकर्मी निलंबित
वायरल वीडियो घटना से जुड़े मामले में मणिपुर के पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें थौबाल जिले के नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी प्रेमकुमार मंगांग भी शामिल हैं। 31 जुलाई को, मणिपुर के थौबाल में एक भीड़, जिसमें मुख्य रूप से मैतेई महिलाएं शामिल थीं, ने मामले के संबंध में स्टेशन के कार्यालय प्रभारी के निलंबन के विरोध में नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन का घेराव किया था और को घेर लिया था और फिर उसे बंद कर दिया।