फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Language Row: केंद्र और तमिलनाडु में भाषा विवाद गहराया, CM स्टालिन ने राज्य बजट से रुपये का प्रतीक चिह्न हटाया

Thu, 13 Mar 2025 01:59 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

केंद्र सरकार और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम यानी डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार के बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 में प्रस्तावित त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर विवाद चल रहा है। अब एमके स्टालिन सरकार ने राज्य सरकार के बजट 2025-26 से रुपये (₹) का प्रतीक चिह्न हटा दिया है। इसकी जगह सरकार ने तमिल भाषा का प्रतीक लगाया है। 
विज्ञापन
तमिलनाडु के बजट का पुराना और नया लोगो। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तमिलनाडु में भाषा विवाद गहराता जा रहा है। अब एमके स्टालिन सरकार ने राज्य सरकार के बजट 2025-26 से रुपये (₹) का प्रतीक चिह्न हटा दिया है। इसकी जगह सरकार ने तमिल भाषा का प्रतीक लगाया है। ऐसा माना जा रहा है भाषा विवाद के चलते तमिलनाडु सरकार ने यह कदम उठाया है।

  लोगो में तमिल शब्द 'रुबाई' का पहला अक्षर 'रु' लिखा है, जो स्थानीय भाषा में भारतीय मुद्रा को दर्शाता है। इसके अलावा लोगो में सबके लिए सब कुछ भी लिखा है। तमिलनाडु के  वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु शुक्रवार को 2025-26 के लिए बजट पेश करेंगे।
विज्ञापन


तमिलनाडु सरकार और केंद्र में चल रहा विवाद
केंद्र सरकार और द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम यानी डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार के बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 में प्रस्तावित त्रिभाषा फॉर्मूला राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। तमिलनाडु सरकार ने एनईपी व त्रिभाषा फॉर्मूले को लागू करने से मना कर दिया है। इसके चलते केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत मिलने वाली 573 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता रोक दी है। एसएसए फंडिंग पाने के लिए राज्यों को एनईपी के दिशा-निर्देशों का पालन करना होता है।  फंड रोके जाने से सीएम स्टालिन बिफरे हुए हैं। उन्होंने दक्षिणी राज्यों में हिंदी थोपने का आरोप लगाया है। केंद्र के अनुसार शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में है व त्रिभाषा फॉर्मूले को लागू करना राज्यों की जिम्मेदारी है।

यह भी पढ़ें: Tamil Nadu: 'एनईपी एक भगवा नीति, बर्बाद कर देगी तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली', सीएम स्टालिन का आरोप
विज्ञापन


उदयनिधि स्टालिन ने भी केंद्र सरकार पर बोला हमला
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु और पेरियार का अपमान करती है। क्या हम असभ्य हैं? जो लोग हमें असभ्य कहते हैं, वास्तव में वे असभ्य तरीके से व्यवहार कर रहे हैं और हमारे खिलाफ टिप्पणी कर रहे हैं। तमिल लोग बहुत जल्द इसका करारा जवाब देंगे। 
विज्ञापन

 

यह भी पढ़ें: पीएम श्री योजना: केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने DMK सरकार पर लगाया यू-टर्न लेने का आरोप, साझा किया 2024 का पत्र

वित्त मंत्री ने दी थी  त्रिभाषा नीति पर सफाई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पर त्रिभाषा नीति के विरोध को लेकर निशाना साधा और स्टालिन सरकार पर तमिलनाडु में "राजनीतिक गड़बड़ी" पैदा करने और बच्चों को उनके "सीखने के अधिकार" से वंचित करने का आरोप लगाया। लोकसभा में बोलते हुए सीतारमण ने कहा था कि नई शिक्षा नीति वास्तव में कहती है कि कक्षा 5वीं तक अपनी मातृभाषा में सीखें, यदि संभव हो तो 8वीं तक और इंटरमीडिएट तक और भी बेहतर। यही एनईपी कहती है, लेकिन वे (डीएमके) यह कल्पना करना चाहते हैं कि यह हिंदी थोप रही है। "गलत तरीके से उन्होंने तमिलनाडु में राजनीतिक गड़बड़ी पैदा की है और बच्चों को उनके सीखने के अधिकार से वंचित किया है।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें