केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने रविवार को वायनाड भूस्खलन के दौरान भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की तरफ से किए गए आपदा राहत और बचाव कार्यों के लिए भुगतान की मांग करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने इस कदम को आपदा के बाद पहले से ही बोझ तले दबे राज्य के 'जख्मों पर मिर्च छिड़कने' जैसा बताया। कोच्चि में पत्रकारों से बात करते हुए वित्त मंत्री बालगोपाल ने भाजपा शासित केंद्र पर आपदा राहत के लिए राज्य को वादा किए गए धन को भी मुहैया कराने में 'विफल' रहने का आरोप लगाया। वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि यह राज्य के लोगों का मजाक उड़ाने जैसा है।
'यह दृष्टिकोण गंभीर घाव पर मिर्च छिड़कने जैसा'
उन्होंने कहा, इस तरह के दृष्टिकोण के अलावा, वायु सेना के नाम पर एक नया विधेयक पेश किया गया है। मंत्री बालगोपाल ने कहा, 'वास्तव में, यह दृष्टिकोण गंभीर घाव पर मिर्च छिड़कने जैसा है।' उन्होंने केरल को प्रभावित करने वाले मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन समेत भाजपा नेताओं के रुख पर भी सवाल उठाया।
मुख्य सचिव को पत्र मिलने के बाद बरसे वित्त मंत्री
मंत्री बालगोपाल ने ये टिप्पणियां 22 अक्तूबर, 2024 के एक पत्र के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में कीं, जिसका शीर्षक था 'बकाया एयरलिफ्ट शुल्क का निपटान', जिसे 2 नवंबर को तत्कालीन मुख्य सचिव वी वेणु के कार्यालय को मिला हुआ था। इसमें बकाया बिलों का विवरण था, जिसमें 2018 की बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों से संबंधित 100 करोड़ रुपये से अधिक और वायनाड में 30 जुलाई को भूस्खलन के बाद भारतीय वायुसेना के संचालन के लिए 13 करोड़ रुपये से अधिक शामिल थे।
भाजपा नेता ने विजयन सरकार पर बोला हमला
इस बीच, भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने वामपंथी सरकार की आलोचना करते हुए उस पर पत्र को लेकर 'विवाद' पैदा करने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया 'एक्स' पर उनके पोस्ट के अनुसार, 'राहत कार्यों के लिए भारतीय वायुसेना को लागत की प्रतिपूर्ति नियमित रूप से सभी राज्य सरकारों की तरफ से की जाती है।' उन्होंने आश्चर्य जताया, 'लेकिन सीएम विजयन की सरकार के पास 2 लाख करोड़/वर्ष का बजट है, तो यह 'विवाद' क्यों है?'
30 जुलाई को वायनाड में हुआ था विनाशकारी भूस्खलन
राज्य सरकार के अनुसार, 30 जुलाई को वायनाड में हुए भूस्खलन ने तीन गांवों - पुंचरीमट्टम, चूरलमाला और मुंदक्कई - के बड़े हिस्से के साथ-साथ अट्टामाला के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया, जिसमें 300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई।