प्राप्त जानकारी के अनुसार, रांची रिम्स से दिल्ली एम्स पहुंचने के बाद लालू प्रसाद यादव का उपचार मेडिकल बोर्ड की निगरानी में चल रहा था। बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को एम्स से उन्हें डिस्चॉर्ज करना था।
लेकिन लालू यादव ने सोमवार को रांची जाने की अपील की। जिसके बाद एम्स प्रबंधन ने उन्हें 30 अप्रैल को रांची भेजने के लिए कागजी कार्रवाई की थी। एम्स प्रबंधन के मुताबिक मेडिकल बोर्ड ने लालू यादव की सेहत में सुधार आने और उन्हें वापस रिम्स जाकर क्रोनिक संबंधी परेशानी का उपचार कराने की सलाह दी थी। फिलहाल उनकी सेहत स्थिर है और वे दिल्ली से रांची की यात्रा करने के लिए फिट हैं।
तबियत खराब हुई तो एम्स जिम्मेदार
एम्स से रैफर होने की जानकारी मिलने के बाद लालू यादव ने निदेशक को राष्टीय जनता दल के लेटरहेड पर शिकायत लिखते हुए कहा कि रांची में किडनी का उपचार नहीं होता है। चूंकि उन्हें किडनी क्रोनिक बीमारी की परेशानी अभी भी है और दिल्ली से रांची पहुंचने में 16 घंटे के करीब लगते हैं। ऐसे में अगर उन्हें डिस्चॉर्ज किया जाता है और रास्ते में उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ होती है तो इसकी जिम्मेदारी एम्स प्रबंधन की होगी। लालू की इस शिकायत पर एम्स प्रबंधन ने संज्ञान न लेते हुए उन्हें तत्काल रांची भेजने का निर्णय लिया।