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टीम इंडिया के पूर्व कोच का बड़ा खुलासा, बोले- 'सचिन-द्रविड-गांगुली का विश्वास जीतना नहीं था आसान

Mon, 30 Apr 2018 05:52 PM IST
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला, नई दिल्ली
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sachin tendulkar, rahul dravid, sourav ganguly
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सुनील गावस्कर के साथ बतौर ओपनर अंशुमन गायकवाड़ ने बिना हेलमेट के माइकल होल्डरऔंग, एंडी राबट्र्स, सिल्वेस्टर क्लार्क जैसे तेज गेंदबाजों का सामना किया है, लेकिन बीसीसीआई की ओर से कर्नल सीके नायडू लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए चुने गए गायकवाड़ को अपने कैरियर में बैटिंग नहीं बल्कि कोचिंग सबसे कठिन काम लगा है। लगे भी क्यों नहीं जिस टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड, अनिल कुंबले, सौरव गांगुली, जवागल श्रीनाथ, वेंकटेश प्रसाद जैसे खिलाड़ी हों उस टीम के कोच की भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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गायकवाड़ साफ करते हैं कि जब वह भारतीय टीम के कोच बने तो इन क्रिकेटरों का विश्वास हासिल करने में ही उन्हें छह माह लग गए थे। एक बार जब विश्वास हासिल किया तो उनकी कोचिंग में टीम इंडिया ने सबसे ज्यादा कारनामे करके दिखाए।  यही कारण है कि गायकवाड़ की नजरों में एक क्रिकेटर से ज्यादा उनके लिए कोचिंग कठिन काम था।

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anshuman gaekwad
वह साफ करते हैं कि इन क्रिकेटरों ने उनसे ज्यादा देश के लिए खेला है। इन्हें आदेश नहीं दिए जा सकते थे। वरना वे बोल सकते थे कि इसने क्रिकेट ही कितना खेला है। उनकी सबसे बड़ी चुनौती टीम को संभालना था। उन्होंने यही काम बखूबी किया। उनके कोचिंग कार्यकाल में कभी भी बड़े क्रिकेटरों के साथ कोई विवाद सामने नहीं आया।

गायकवाड़ अमर उजाला से दो टूक स्वीकार करते हैं कि उन्हें इस अवॉर्ड को मिलने की पूरी उम्मीद थी। वह पिछले तीन सालों से इस अवॉर्ड की रेस में हैं। उन्होंने क्रिकेट में जितनी भूमिकाएं निभाई हैं, उतने शायद ही किसी क्रिकेटर ने रोल अदा किए होंगे। वह पहले एक क्रिकेटर थे। 40 टेस्ट खेलने के बाद उन्होंने सन्यास लिया तो भी क्रिकेट का साथ नहीं छोड़ा।
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