पहले से ही चारा घोटाले में फंसे राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव पर एक और मुसीबत मंडराने लगी है। सीबीआई ने रेल मंत्री रहते एक निजी कंपनी को रेलवे के होटलों का कांट्रेक्ट देने और बदले में जमीन लेने के मामले में लालू और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि लालू ने इसे आरएसएस और भाजपा की साजिश बताया है। लालू का कहना है कि वह इस दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। वहीं सीबीआई ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए बताया है कि लालू के खिलाफ पुख्ता सबूतों के बाद ही कार्रवाई की गई है। लालू परिवार पर आई इस मुसीबत के बारे में 8 प्वाइंटर में जानिए सबकुछ।
1- लालू परिवार पर सीबीआई का शिकंजा
पहले से ही बेनामी संपत्ति के मामले में फंसा लालू परिवार फिर एक नए मामले में फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। आईटी विभाग की कार्रवाई के बाद अब सीबीआई ने आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर शिकंजा कसा है। सीबीआई ने लालू परिवार के सदस्यों समेत 8 लोगों पर कार्रवाई करते हुए जमीन घोटाले में एक नया मामला दर्ज किया है।
2- इन लोगों पर हुई कार्रवाई
2006 रेलवे होटल के टेंडर मामले में सीबीआई ने लालू समेत राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, IRCTC के तत्कालीन एमडी पीके गोयल, विजय कोचर, विनय कोचर, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स LLP (पटना में मॉल के लिए जमीन खरीदने वाली कंपनी) पर आईपीसी की धारा 420 और 120बी के तहत सीबीआई ने नया केस दर्ज कर कार्रवाई की है।
3- क्या है केस
लालू और बाकी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया गया है। सीबीआई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि होटल आवंटन में बड़ा घोटाला हुआ है। ये उस वक्त का मामला है जब लालू प्रसाद यादव रेलमंत्री थे। सीबीआई का कहना है कि लालू ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाते हुए 32 करोड़ की जमीन को करीब 65 लाख में दे दी।
4- बीएनआर होटल्स में रखरखाव को लेकर धोखाधड़ी
सीबीआई का आरोप है कि उस वक्त रांची और पुरी के बीएनआर होटलों के विकास और संचालन में अनियमितता बरती गई। इन होटलों का ठेका सुजाता होटल्स को दिया गया। बीएनआर IRCTC के हैरिटेज होटल हैं जिन्हें 2006 में ही IRCTC ने अपने नियंत्रण में लिया था। बीएनआर होटल्स के रखरखाव और उनकी बेहतरी के लिए लीज पर देने की प्लानिंग थी