चुनाव आयोग की एक टीम ने सरकारी अधिकारियों और मिजोरम में नागरिक संगठनों के शीर्ष निकाय के सदस्यों से बातचीत की और राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) एस बी शशांक को हटाने पर सहमत हो गई। यह जानकारी नागरिक समाज के एक नेता ने दी। उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन के नेतृत्व में चुनाव आयोग की चार सदस्यीय टीम ने प्रेस से बातचीत नहीं की।
मुख्य सचिव अरिवंद रे और संयुक्त सीईओ को बैठक हॉल में जाने की अनुमति नहीं दी गई। चुनाव आयोग की टीम ने दो अतिरिक्त सीईओ, गृह सचिव ललरिनलिआना फनाई, नागरिक समूहों की शीर्ष इकाई एनजीओ को-आर्डिनेशन कमेटी के नेताओं के साथ चर्चा की। बंद कमरे में बैठक हुई और टीम बिना कोई टिप्पणी किए वहां से रवाना हो गए।
कमेटी के अध्यक्ष वनलालरूआता ने कहा कि चुनाव आयोग की टीम मिजोरम के सीईओ शशांक को तुरंत हटाने की उसकी मांग पर सहमत हो गई।
शशांक ने कथित तौर पर राज्य में अतिरिक्त सीएपीएफ बल की तैनाती की मांग की थी और ईसी से शिकायत की थी कि राज्य के पूर्व प्रधान सचिव लालनुनमाविया चुआउंगो चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहे हैं। मिजोरम के रहने वाले गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी चुआउंगो को इस महीने की शुरुआत में उनकी सेवाओं से मुक्त कर दिया गया था।
एनजीओ समन्वय समिति अन्य राजनीतिक दलों के साथ शशांक को राज्य से बाहर भेजने की मांग कर रही थी।
मिजोरम के मुख्यमंत्री ललथनहवला ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि लोगों का विश्वास मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस बी शशांक पर से उठ गया है। ऐसे में विधानसभा चुनाव को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक ही रास्ता बचता है कि सीईओ एस बी शशांक को तुरंत पद से हटाए जाए।
(भाषा इनपुट)