पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद सुबह से शाम तक बैंकों में लोगों की भीड़ लगी रहती है। समय खत्म हो जाता है लेकिन, लाइन नहीं। इसे देखते हुए तमिलनाडु के कुंबाकोनम स्थित सिटी यूनियन बैंक ने बृहस्पतिवार को देश का पहला बैंकिंग रोबोट लक्ष्मी की नियुक्ति कर दी। जो ग्राहकों से बातचीत करने के साथ-साथ तेजी से काम करने में भी सक्षम होगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो देश के सभी बैंक इस तरह के रोबोट कर्मचारी ला सकते हैं।
बता दें कि एचडीएफसी बैंक भी ग्राहकों के के सवालों का जवाब देने के लिए रोबट बनाने की दिशा में काम कर रहा है। मीडिया खबरों के मुताबिक, रोबोट लक्ष्मी को बनाने में करीब छह महीने का समय लगा है। इसकी लागत करीब आठ लाख रुपये आई है। जो 125 बिंदुओं से जुड़ी जानकारी देने में सक्षम है। यह खाता में बकाया राशि से लेकर होम लोन से जुड़ी तमाम जानकारियों के बारे में बताएगा।
सिटी यूनियन बैंक के एमडी और सीईओ एन कमाकोडी ने बताया कि इसे कोर बैंकिंग से जुड़ी समस्याओं के समाधान को देखते हुए बनाया गया है। उन्होंने बताया कि खाता में जमा या भेजे गए पैसे के से जुड़े सवाल पूछे जाने पर जवाब स्क्रीन पर सारी जानकारी फ्लैश हो जाएगी।
अंग्रेजी में ही देगा जवाब
बैंक सीईओ एन कमाकोडी के मुताबिक, यह रोबोट सवालों के जवाब सिर्फ अंग्रेजी भाषा में ही देगा। हालांकि भाषा बोलचाल की ही होगी। फिलहाल अभी यह बैंकिंग से जुड़े सवालों का ही जवाब देगा। बाद में ट्रांजेक्शन से जुड़े बैंकिंग सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा। यह तीन से चार लोगों का काम कर सकता है। बाद में बैंक की ऑटोमेशन प्रोसेस से भी इसे जोड़ा जाएगा।