भारत के दक्षिण-पश्चिम में बसे दुनिया के सबसे खूबसूरत और छोटे आईलैंड लक्षद्वीप में अब एक अनोखा सपनों सा संसार सजाया जाएगा। इन छोटे-छोटे आईलैंड पर न सिर्फ दुनिया के स्कूबा डाइविंग सेंटर खोले जाएंगे, बल्कि अंडर वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी के साथ साथ इको टूरिज्म के सबसे बड़े केंद्र भी होंगे। 32 छोटे-छोटे द्वीप समूह वाले इस समूचे आईलैंड को अतुल्य भारत की योजनाओं से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने कमेटी का भी गठन किया है। डेढ़ महीने पहले ही हुई इस बैठक में कई योजनाओं को अमलीजामा पहनाने पर मुहर भी लगी है।
लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई टास्क फोर्स से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य कहते हैं कि 36 छोटे-छोटे द्वीप समूहों का यह आइलैंड दुनिया के सबसे सुंदर द्वीप समूहों में से एक है। इसलिए केंद्र सरकार लक्षद्वीप को दुनिया के सबसे सुंदर पर्यटन स्थल के तौर पर डेवलप करने जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पर्यटन मंत्रालय लक्षद्वीप के बंगाराम, कदमात, मिनीकाय और सुहेली आईलैंड पर इको टूरिज्म सेंटर बनाया जाएगा। इको टूरिज्म सेंटर के तहत लक्षद्वीप के न सिर्फ हेरिटेज को सहेजा जाएगा, बल्कि पूरी तरीके से प्राकृतिक लक्षद्वीप आईलैंड के एक एक हिस्से को सुरक्षित रखने की दिशा में काम भी शुरू कर दिया गया है। पर्यटन मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक महज साठ हजार आबादी वाले इस आईलैंड पर अभी सामान्य पर्यटक नहीं पहुंच पा रहे हैं। पर्यटन मंत्रालय की कोशिश है कि इस आईलैंड के जो दूसरे छोटे-छोटे स्थलीय आईलैंड है, उन्हें भी डेवलप कर देश और दुनिया के लोगों के लिए खोला जाए। इसके लिए बाकायदा टास्क फोर्स ने लक्षद्वीप में सर्वे करना भी शुरू कर दिया है।
लक्षद्वीप में पर्यटन की अपार संभावनाओं के बाद भी टूरिस्ट का कम पहुंचना उसकी कमजोर कनेक्टिविटी ही है। केंद्र सरकार अब आम नागरिक उड़ान योजना के तहत लक्षद्वीप को कई शहरों से जोड़ने की तैयारी कर रही है। पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही लक्षद्वीप को देश के अलग-अलग शहरों से जोड़ा जाएगा, उसके बाद वहां पर पर्यटन बढ़ना भी शुरू होगा। दरअसल लक्षद्वीप पहुंचने के लिए अभी छोटी फ्लाइट और कुछ क्रूज ही हैं। योजना के मुताबिक नई फ्लाइट और नए लग्जरी क्रूज को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया जा रहा है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की योजना के मुताबिक लक्षद्वीप के कवरत्ती, अगत्ती, मिनिकाए और अमिनी आईलैंड के अलावा कुछ अन्य दूसरे आईलैंड पर भी पर्यटन दृष्टिकोण से नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाने हैं। अभी तक लक्षद्वीप में 40 किलोमीटर के स्थलीय आईलैंड पर ही न सिर्फ पर्यटन के दृष्टिकोण से लोगों का आना-जाना होता है बल्कि स्थानीय लोग भी निवास करते हैं। पर्यटन मंत्रालय और केंद्र सरकार की कोशिश है कि अनएक्सप्लोर्ड और अनमैंड आईलैंड को उनके नेचुरल हैबिटेट बचाते हुए पर्यटन की संभावनाओं को तलाशा जाए। पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में नई संभावनाओं के साथ लक्षद्वीप दुनिया का सबसे खूबसूरत पर्यटन आईलैंड बनकर तैयार हो जाएगा।