‘हर-घर तिरंगा’ अभियान लाखों परिवारों की आय का जरिया भी बन गया है। कोविड काल में मास्क तैयार करने की मुहिम से जिस तरह सैकड़ों समूहों, संगठनों ने अलग पहचान बनाई थी, तिरंगा तैयार करने में लोग उसी तरह जुटे नजर आ रहे हैं। देश के हजारों स्वयं सहायता समूहों और अन्य तमाम लोगों को बड़ी मात्रा में तिरंगा तैयार करने का ऑर्डर मिल रहा है।
यहां भी तिरंगा उपलब्ध
-डाकघरों से भी तिरंगा उपलब्ध कराने की तैयारी है। लोग 25 रुपये अदाकर तिरंगा खरीद सकेंगे।
-ऑनलाइन भी अमेजन व फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शाॅपिंग साइट्स से भी झंडे की खरीद की जा सकती है।
-प्रधानमंत्री ने देश के सभी 25 करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है। जानकार बताते हैं कि तैयारी के लिहाज से तिरंगे की आवश्यकता इससे अधिक पड़ने वाली है।
750 करोड़ खर्च होने का अनुमार, अभियान के दौरान केवल झंडे की खरीद पर 750 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने वाले हैं। इसमें सरकारी, गैर सरकारी व कारपोरेट स्तर से खर्च होने वाली धनराशि शामिल हैं।