ममता ने बांग्लाभाषी मुसलमानों को खदेड़ने का लगाया आरोप
अल्पसंख्यक संगठनों ने आरोप लगाया है कि नागरिकता की पुष्टि करने की प्रक्रिया त्रुटिहीन नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत राज्य के विभिन्न अल्पसंख्यक संगठनों ने एनआरसी को राज्य से बांग्लाभाषी मुसलमानों को खदेड़ने की साजिश करार दिया है।
एनआरसी को लेकर आतंकित न हों : राजनाथ
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य के लोगों से एनआरसी को लेकर आतंकित नहीं होने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि एनआरसी का अंतिम मसविदा प्रकाशित होने के बाद किसी को भी जेल या शिविर में नहीं रखा जाएगा। मंत्री ने कहा है कि मसविदे में जिनके नाम नहीं हैं वह लोग भी बाद में विदेशी न्यायाधिकरण के समक्ष अपनी नागरिकता का दावा पेश कर सकते हैं।
राजनाथ सिंह ने साफ किया है कि 30 जुलाई को एनआरसी का महज मसविदा प्रकाशित होगा। उसके बाद दावों और आपत्तियों के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे। उन दावों व आपत्तियों की समुचित जांच और उनको सही तरीके से निपटाने के बाद ही अंतिम एनआरसी का प्रकाशन होगा।
क्या कहते हैं राजनीतिक पर्यवेक्षक
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि एनआरसी का मसविदा प्रकाशित होने के बाद राज्य में कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। हालांकि केंद्र सरकार की सहायता से राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में भारी तादाद में केंद्रीय बल के जवानों को तैनात कर दिया गया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि 30 जुलाई के बाद पैदा होने वाली स्थिति से निपटना असम की सर्वानंद सोनोवाल सरकार के लिए एक कड़ी चुनौती साबित हो सकती है।