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लखीमपुर हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को दिवाली पर घर जाने की अनुमति दी, वापसी की तारीख भी तय की

Thu, 09 Oct 2025 01:00 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर हिंसा मामले के आरोपी आशीष मिश्रा को दिवाली पर 20 अक्तूबर को घर जाने की इजाजत दी है। कोर्ट ने शर्त रखी है कि कार्यक्रम में कोई राजनीतिक व्यक्ति या आम जनता शामिल नहीं होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने मिश्रा की वापसी की तारीख भी तय की है।

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से थोड़ी बहुत राहत मिलती हुई नजर आ रही है। इसके तहत कोर्ट ने आशीष मिश्रा को 20 अक्तूबर को दिवाली मनाने के लिए अपने घर लखीमपुर जाने की इजाजत दे दी है। मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्य बागची की बेंच ने साफ किया कि पहले की शर्तें लागू रहेंगी, यानी इस दौरान किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता या आम जनता को उनके साथ इस समारोह में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।

आशीष मिश्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि मिश्रा 22 अक्तूबर तक वापस लौट आएंगे। सुप्रीम कोर्ट पहले ही निर्देश दे चुका है कि ट्रायल पूरा होने तक आशीष मिश्रा को लखीमपुर से दूर रहना होगा। हालांकि राम नवमी के मौके पर 24 मार्च को भी कोर्ट ने उन्हें परिवार से मिलने की इजाजत दी थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
कोर्ट को जानकारी दी गई कि अब तक 23 गवाहों की गवाही हो चुकी है, जबकि नौ गवाहों को हटा दिया गया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस से मामले की जांच की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित पक्ष की ओर से वकील प्रशांत भूषण ने सुनवाई तेज करने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना ट्रायल की निगरानी जैसा होगा, जो उचित नहीं है।
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अब समझिए क्या है पूरा मामला?
बता दें कि ये पूरा मामला तीन अक्तूबर 2021 का है। जब लखीमपुर खीरी के टिकुनिया इलाके में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे चार किसानों को एक एसयूवी से कुचला गया, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने वाहन चालक, दो भाजपा कार्यकर्ताओं और एक पत्रकार की हत्या कर दी थी।
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इसके बाद दिसंबर 2023 में ट्रायल कोर्ट ने आशीष मिश्रा और 12 अन्य के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं में आरोप तय किए, जिससे मुकदमे की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को जुलाई 2022 में सशर्त जमानत दी थी, जिसमें उन्हें सिर्फ दिल्ली और लखनऊ तक सीमित रहने की इजाजत दी गई थी। यह मामला अभी ट्रायल कोर्ट में चल रहा है।

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