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मेट्रो ट्रेन के महिला कोच में चढ़ने वालों का क्या हाल करती है 'काली'

Thu, 07 Mar 2019 08:22 PM IST
Gaurav Pandey डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के लिए अलग से एक कोच की व्यवस्था की गई है। यह बात सभी जानते हैं। पुरुष यात्रियों को यह भी पता है कि हर मेट्रो ट्रेन में महिला कोच पहले नंबर पर लगा होता है। इसके बाद भी कई मनचले महिला कोच में चढ़ जाते हैं। चूंकि मेट्रो के सभी कोच इंटर कनेक्टेड (आपस में जुड़े) होते हैं, इसलिए कई बार यह भी देखने को मिलता है कि अंदर ही अंदर कुछ पुरुष यात्री, महिला कोच में जाकर खड़े हो जाते हैं।

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ऐसे यात्रियों को सबक सिखाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने ऑपरेशन काली शुरू किया था। इसमें मुख्य भूमिका सीआईएसएफ की उन महिला कमांडोज ने निभाई है जिन्हें मार्शल आर्ट की कला 'पेकेति तिरसिया काली' में प्रशिक्षित किया गया है। इन महिला कमांडोज ने 2018 में 365 ऑपरेशन चलाकर 2404 पुरुष यात्रियों को सबक सिखाया। इस साल जनवरी माह में भी 158 पुरुष यात्री इनके हाथ लग चुके हैं।

बता दें कि मेट्रो में निरंतर ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि पुरुष यात्री महिला कोच में आकर उन्हें तंग करते हैं। सीआईएसएफ ने इस समस्या का हल करने के लिए एक नया प्रयोग किया। बल की दर्जनों महिला कर्मियों को फिलीपींस की विश्वविख्यात मार्शल आर्ट पेकेति तिरसिया काली की ट्रेनिंग दी गई। पहले इस कला का मुख्य हथियार ब्लेडनुमा तलवार या खुखरी रहता था। आज उन हथियारों की जगह एके-47 जैसे स्वचालित हथियारों ने ले ली है।

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ऐसे काम करता है ऑपरेशन काली

ऑपरेशन काली के तहत जो भी पुरुष यात्री महिला कोच में पाया जाता है, ये महिला कमांडो उसे स्टेशन प्रबंधक के पास ले जाती हैं। वहां इन पर मेट्रो एक्ट के तहत जुर्माना लगाते हैं। कई बार कुछ युवा जब महिला कोच से नीचे उतरने से मना करते हैं या कहासुनी करने पर उतारु हो जाते हैं तो ये महिला कमांडो अपने प्रशिक्षण का सहारा लेकर उनके होश ठिकाने लाती हैं। सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन का कहना है कि हमारी यह योजना काफी कारगर साबित हुई है। ऑपरेशन काली आगे भी जारी रहेगा।

मेट्रो में जेब कतरे भी कम नहीं
  • 2018 में चलाए गए 111 ऑपरेशनों में 498 महिला-पुरुष जेब कतरों को पकड़ा गया था। इनमें 470 पुरुष और 28 महिलाएं शामिल हैं।
  • जनवरी 2019 में 15 पुरुष जेब कतरे पकड़े गए हैं

पिछले साल मेट्रो में यह सामान गुम हो गया था, सीआईएसएफ ने उन्हें संबंधित यात्रियों को लौटाया
  • 140 लैपटॉप
  • 8104602 रुपये, 11222463 रुपये के चेक या ड्राफ्ट
  • 106046 की विदेशी करेंसी
  • सोने के आभूषण 43
  • सिलवर के आभूषण 27
  • 27 कैमरे, 58 घड़ियां, 329 मोबाइल फोन, सात टेबलेट, एक आईपॉड  
  • मेट्रो ट्रैक पर चलने वाले 239 यात्री पकड़े गए
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