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#LadengeCoronaSe: देश की इस्पात इकाइयों ने ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए खोले द्वार, 2834 टन सप्लाई

Sun, 25 Apr 2021 07:12 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पहल रंग लाई
  • सभी संयंत्रों में हो रहा एलएमओ का उत्पादन
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ऑक्सीजन सिलिंडर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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महामारी के प्रकोप से जूझ रहे देशवासियों की मदद के लिए इस्पात उद्योग ने अन्य निजी कंपनियों के साथ ही अपने द्वार भी खोल दिए हैं। इन संयंत्रों में भारी मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। जिसकी आपूर्ति अब कोरोना मरीजों की जान की रक्षा के लिए की जा रही है। 
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केंद्रीय इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देश पर इस्पात क्षेत्र की सरकारी और निजी कंपनियां लगातार सरकार की मदद कर रही हैं। केंद्र सरकार ने रविवार को बताया कि इन इकाइयों के पास जितनी भी तरल मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध हो रही है, वे देश के अस्पतालों के लिए मुहैया करा रहे हैं। 

इस्पात इकाइयों में 33 ऑक्सीजन प्लांट
सरकार ने बताया कि देश के इस्पात संयंत्रों के 33 ऑक्सीजन प्लांट हैं। इनमें से 29 नियमित रूप से चल रहे हैं। इनकी क्षमता 2384 टन है। इनकी रोजाना 2834 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन यानी एलएमओ उत्पादन क्षमता है। जबकि 24 अप्रैल को इनमें 3447 टन का रिकाॅर्ड उत्पादन किया गया। 
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अन्य गैसों का उत्पादन घटाया
ये इस्पात संयंत्र क्षमता से ज्यादा एलएमओ उत्पादन इसलिए कर सके, क्योंकि इन्होंने नाइट्रोजन आदि गैसों का उत्पादन बंद कर सिर्फ ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहे हैं। सरकार ने बताया कि 2894 टन एलएमओ 24 अप्रैल को देश के विभिन्न राज्यों को सप्लाई की गई, जबकि पिछले सप्ताह 1500 से 1700 टन प्रतिदिन ही सप्लाई हो पा रही थी।  
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