देशभर में कोरोना महामारी ने गांवों में दस्तक दे दी है। गांवों में संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए थर्मल स्क्रीनिंग शुरू करने के साथ ग्रामीणों को ऑनलाइन डॉक्टरी सलाह की व्यवस्था शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि राज्यों ने ये फैसला केंद्र सरकार से बातचीत के बाद लिया है।
हिमाचल प्रदेश ने ई-संजीवनी व्यवस्था लागू की है जिसके तहत लोगों को मुफ्त में ऑनलाइन डॉक्टरी सलाह दी जा रही है। गुजरात में हर बीमारी या संदिग्ध व्यक्ति का विवरण तैयार किया जा रहा है।
दूसरे राज्यों और शहरों से आने वाले लोगों का आंकड़ा भी जुटाया जा रहा है। कई गांवों में लोगों के शरीर का तापमान और ऑक्सीजन लेवल मापा जा रहा है। लक्षण वाले मरीजों की एंटीजन जांच की जा रही है।
असम में गांवों में एक टीम तैयार की गई है जो लोगों को महामारी के प्रति जागरूक कर रही है। केरल में गरीब परिवारों की महिलाओं को मैदान में उतारा गया है जो महामारी के बीच सरकार के लिए काम कर रही हैं। आंध्र प्रदेश में ग्राम पंचायतों ने नियम बना दिया है मास्क नहीं तो प्रवेश नहीं।
राजस्थान में मेडिकल किट का वितरण
राजस्थान में गांवों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए मेडिकल किट का वितरण हो रहा है । मध्यप्रदेश में गांवों को कोरोना मरीजों की संख्या के आधार पर कंटेनमेंट जोन में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है। ब्लॉक और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम का भी गठन किया गया है।
बिहार : गांवों में मास्क वितरण
गांव के लोगों को जानलेवा कोरोना वायरस से बचाने के लिए हर घर मास्क पहुंचाया जा रहा है । पंजाब के गांवों में ग्रामीण निगरानी समिति का गठन किया है जो लोगों को जागरूक कर रही है।
इसके साथ ही नाइट कफ्यू के उल्लंघन से लोगों को रोक रही है । अरुणाचल प्रदेश में गांव-गांव सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है । लोगों को वायरस से बचने के लिए लगातार सावधान किया जा रहा।
पश्चिम बंगाल में बांट रहे अनाज
लॉकडाउन के कारण पश्चिम बंगाल में गरीबों को अनाज बांटा जा रहा है। इसके अलावा क्षेत्रीय स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों को संक्रमण के लक्षणों के प्रति भी आगाह किया जा रहा है।
केंद्रीय पंचायती राज्य मंत्रालय ने भी गांव में रहने वाले लोगों से अपील की है। सभी नियमों का पालन करने को कहा है। जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकलने की अपील की है।