महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अपनी बेटी के ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पर 50 वर्षीय व्यक्ति से स्थानीय 'जाट पंचायत' नाराज हो गई और पंचायत ने उसका और उसके परिवार का बहिष्कार कर दिया। साथ ही उन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर 'जाट पंचायत' के 23 सदस्यों के खिलाफ परिवार का बहिष्कार करने और उन पर जुर्माना लगाने का मामला दर्ज किया है।
यह घटना पिछले बुधवार को सामने आई, जब एक मजदूर व्यक्ति ने मुंबई से लगभग 250 किलोमीटर दूर पश्चिमी महाराष्ट्र जिले के जामखेड़ पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी बेटी की शादी 2018 में हुई थी, लेकिन उसके ससुराल वाले अक्सर उसे परेशान करते थे, जिसके कारण वह अपना घर छोड़कर अपने माता-पिता के साथ रहने लगी, जो जामखेड़ के अरोले वस्ती (Arole Vasti) इलाके में रहते हैं।
उन्होंने अहमदनगर पुलिस के 'भरोसा सेल' से संपर्क किया और अपनी बेटी के ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, नाथ पंथी दवारी गोसावी' समुदाय की 'जाट पंचायत' के सदस्यों ने पुलिस शिकायत दर्ज करने पर आपत्ति जताई। शिकायतकर्ता इसी समुदाय से संबंध रखता है।पंचायत ने भवरवाड़ी के जंगलों में जाति समूह की एक बैठक बुलाई, जहां शिकायतकर्ता को पुलिस के पास जाने के लिए डांट-फटकार लगाई।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, चूंकि शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर समुदाय के नियमों का उल्लंघन किया था, इसलिए स्वयंभू जाति समूह के सदस्यों ने उसे और उसके परिवार के सदस्यों को समुदाय से बाहर निकालने की धमकी दी और उन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अधिकारी ने कहा, शिकायतकर्ता ने विरोध किया और सामाजिक बहिष्कार और जुर्माना लगाने के उनके फैसले का पालन करने से इनकार कर दिया, इसके बाद 'जाट पंचायत' के सदस्यों ने उसे और उसके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित मजदूर ने जामखेड़ पुलिस से संपर्क किया और बुधवार को 'जाट पंचायत' के सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर, जाति परिषद के 23 सदस्यों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में सामाजिक बहिष्कार रोकथाम अधिनियम, 2016 के प्रासंगिक प्रावधानों और आईपीसी की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारी ने कहा, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।