विश्व श्रमिक दिवस के मौके पर दिल्ली सरकार ने श्रमिकों के लिए विशेष योजनाओं की शुरुआत करने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार की ओर से श्रमिकों को 10 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज, बढ़ा वेतन और पांच रूपये में भोजन योजना का लाभ मिलेगा।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में काम करने वाले श्रमिकों के लिए विशेष योजनाओं की शुरुआत करने की घोषणा कर दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रमिक दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार श्रमिकों का सर्वांगीण विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को 10 लाख रूपये तक का मुफ्त इलाज, बढ़ा वेतन और पांच रूपये में भोजन योजना का लाभ मिलेगा।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि श्रमिक भारत के निर्माणकर्ता हैं। उनके बिना राष्ट्र की उन्नति अधूरी है। उन्होंने कहा कि देशभर से लाखों श्रमिक भाई-बहन अपने परिवारों के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर राजधानी दिल्ली आते हैं। उनके मन में होता है कि यहाँ रोजगार, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार श्रमिकों का हर तरह से विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पांच रुपये में भोजन, दस लाख रुपये तक इलाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज मिलेगा। 70 वर्ष से ऊपर के नागरिकों के लिए ‘वय वंदना योजना’ शुरू की गई है। इसका लाभ भी श्रमिक परिवारों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही श्रमिक ‘वेलफेयर बोर्ड’ गठित करेगी। पूरे शहर में 100 ‘अटल कैंटीन’ स्थापित की जाएगी, जहाँ गरीबों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा।
अन्य लाभ-
इसके अलावा श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ भी मिलेगा-
* ‘पालना योजना’ में श्रमिक बहनों के बच्चों की देखभाल की जाएगी जिससे वे निर्भय होकर अपना काम कर सकें। इस वर्ष दिल्ली में 500 ‘पालना केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का संचालन प्रशिक्षित आया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य महिला कर्मचारियों द्वारा की जाएगी।
* तेज़ गर्मी को ध्यान में रखते हुए दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के समय में श्रमिकों को विश्राम देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
* श्रमिकों और आम जनता के लिए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था के लिए दिल्ली में 3000 वाटर कूलर लगाने कि योजना पर तेजी से कार्य हो रहे है।
* 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए ‘आयुष्मान वय वंदना’ योजना के अंतर्गत इलाज होगा।