सार
भारत में चीतों की वापसी की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। दिसंबर तक बोत्सवाना से आठ से 10 नए चीते लाए जाने की संभावना है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में अब तक 27 चीते हैं, जिनमें 16 भारत में जन्मे हैं। यहां शावकों की जीवित रहने की दर 61% है, जो वैश्विक औसत 40% से अधिक है। वहीं, माना जा रहा है कि इस बार इन शावकों को गुजरात में बसाया जा सकता है।
मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चीता को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस साल के अंत तक भारत में चीतों का एक और नया जत्था विदेश से लाने की तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार इसके लिए केन्या, बोत्सवाना और नामीबिया जैसे कई देशों से बातचीत कर रही है। कुछ देशों से बातचीत अंतिम चरण में है। इस मामले की जानकारी रखने वाले उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि, दिसंबर तक नामीबिया या बोत्सवाना से 8 से 10 चीतों का पहला समूह भारत पहुंचने की उम्मीद है। जबकि केन्या से चीतों की खेप अगले साल आ सकती है। यह कदम भारत में चीतों की आबादी को और मजबूत करेगा।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि, भारत में चीता शावकों की जीवित रहने की दर 61 प्रतिशत से भी अधिक है, जो 40 प्रतिशत के वैश्विक मानक से काफी बेहतर है। अभी देश में कुल 27 चीते मौजूद हैं, जिनमें से 15 चीते पूरी तरह से खुले जंगल में स्वस्थ्य घूम रहे है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के अलावा इस साल तीन चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में भी सफलतापूर्वक भी छोड़ा गया है। इनमें सिर्फ शावक ही नहीं, वयस्क चीतों के मामले में भी सफलता दर सराहनीय है। कूनो में वयस्क चीतों की जीवित रहने की दर पहले साल के 70 प्रतिशत से बढ़कर दूसरे साल में 85.7 प्रतिशत हो गई।
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बसाने के लिए दो और जगहों की हुई पहचान
सरकार ने भविष्य की योजनाओं के तहत नए चीतों को बसाने के लिए दो और जगहों की पहचान की गई है। इनमें गुजरात का बन्नी घास का मैदान और मध्य प्रदेश का नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं। ऐसी संभावना है कि केन्या से आने वाले चीतों को गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में छोड़ा जा सकता है। सरकार की हर साल 10 से 12 चीते भारत लाने की है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार नए ठिकाने तैयार करने में जुटी हुई हैं। प्रोजेक्ट चीता से जुड़े सूत्रों का कहना है कि, प्रोजेक्ट चीता की सफलता के पीछे भारत के जंगलों में शिकार के लिए जानवरों की अच्छी उपलब्धता और समृद्ध प्राकृतिक आवास एक बड़ा कारण है।
भारत की धरती पर अब तक 26 चीता शावकों का जन्म
सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए पहले आठ चीतों को कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इसके बाद वर्ष सरकार 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को भारत लेकर लाई थी। इन 20 विदेशी चीतों में से 11 अभी भी जीवित हैं। इनमें से छह मादा और पांच नर शामिल हैं। इनमें सबसे अहम बात यह है कि भारत की धरती पर अब तक 26 चीता शावकों का जन्म हुआ है, जिनमें से 16 पूरी तरह स्वस्थ हैं और जीवित हैं। इन सभी वयस्क चीतों की लाइव मॉनिटरिंग के लिए उन्हें रेडियो-कॉलर पहनाए गए हैं।
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