कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ अदालत की अवमानना मामले में सर्वोच्च अदालत 18 दिसंबर को अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार (17 दिसंबर) को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। बता दें कि कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश के बारे में आपत्तिजनक ट्वीट किए थे।
18 नवंबर को किए गए थे ट्वीट
जानकारी के मुताबिक, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आरएस रेड्डी और न्यायमूर्ति एमआर शाह की एक पीठ शुक्रवार को इस मामले में आदेश जारी करेगी। गौरतलब है कि अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने इस मामले में कामरा के खिलाफ अवमानना का मामला दाखिल करने की स्वीकृति दी थी। कामरा ने ये आपत्तिजनक ट्वीट 18 नवंबर को किए थे। इन ट्वीट्स में सुप्रीम कोर्ट के बारे में आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।
यह है अवमानना का केस दायर करने का नियम
जानकारी के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति पर अवमानना का केस दायर करने के लिए अदालत की अवमानना कानून 1971 के सेक्शन 15 के तहत अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की सहमति लेनी जरूरी होती है। कामरा ने अपने ट्वीट में सर्वोच्च न्यायालय की आलोचना की थी, जिसे अटॉर्नी जनरल ने बेहद खराब बताया था। इस मामले पर टिप्पणी करते हुए वेणुगोपाल ने कहा था कि लोगों को यह समझाने का वक्त आ चुका है कि इस तरह की बेशर्मी दिखाने वालों को सजा मिलती है।
अर्णब मामले की सुनवाई के दौरान किए गए ट्वीट
याचिकाकर्ता ने बताया कि कुणाल कामरा ने ये ट्वीट 11 नवंबर से पोस्ट करने शुरू कर दिए थे। उस वक्त सर्वोच्च न्यायालय में बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा पत्रकार अर्णब गोस्वामी की जमानत याचिका खारिज करने के मामले की सुनवाई हो रही थी। अर्णब की याचिका 2018 के आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में खारिज की गई थी। इस मामले में कामरा ने माफी मांगने और अपने ट्वीट हटाने से इनकार कर दिया था।