कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कथित फोन टैपिंग मामले की सीबीआई जांच कराने की भाजपा सरकार की घोषणा पर रविवार को कहा कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी तक से जांच के लिए तैयार हैं। राज्य के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पिछली जनता दल (एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार के समय के कथित फोन टैपिंग मामले की सीबीआई जांच की घोषणा की है।
फोन टैपिंग के आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके कुमारस्वामी ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें कोई भी जांच कर लेने दीजिए, चाहे वह सीबीआई जांच हो या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से हो, या उन्हें ट्रंप से बात करने दें, और उनकी ओर से किसी के जरिए पूछताछ करने दें।
कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने सीबीआई जांच का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि भाजपा राजनीतिक बदले की भावना से केंद्रीय जांच एजेंसी का इस्तेमाल नहीं करेगी। इस बीच, कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि टेलीफोन टैपिंग एक झूठ है और नफरत की राजनीति के लिए एक साजिश है।
हालांकि, कांग्रेस इस विषय पर बंटी हुई दिखाई दे रही है। जनता दल (एस) के नेता कुमारस्वामी ने इस मुद्दे के कवरेज को लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका कोई कुछ नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के आचरण को देखता आ रहा हूं, उसका इरादा और प्रयास राज्य की राजनीति में कुमारस्वामी को लोगों से दूर रखना है। वे इसमें सफल नहीं होंगे।
कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि फोन टैपिंग मामले से उनका नाम क्यों जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मैं इसमें शामिल होता तो मैं घबरा जाता... मुझ पर अंगुली उठाये जाने के लिए कुछ भी नहीं है।
गौरतलब है कि विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिए गए जनता दल (एस) विधायक ए एच विश्वनाथ ने पिछले सप्ताह एच डी कुमारस्वामी की सरकार पर फोन टैप करने और उनके समेत 300 से अधिक नेताओं की जासूसी कराने के आरोप लगाए। इसके बाद येदियुरप्पा ने यह घोषणा की है। विश्वनाथ जनता दल (एस) के प्रदेश प्रमुख रह चुके हैं और बाद में वह बागी हो गए।