तीन तलाक विरोधी कानून को मुस्लिम समाज के लिए एक बड़े सुधार के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कानून के आ जाने के बाद देश की मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा और अब कोई उन्हें तीन तलाक देने का भय नहीं दिखा सकेगा। लेकिन इस कानून को पारित कराने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के गृहमंत्री अमित शाह ने देश की मुस्लिम महिलाओं से माफी मांगी है। एक नागरिक के तौर उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से यह कहते हुए माफी मांगी कि दुर्भाग्य से इस देश में मुस्लिम बहनों को अब तक तीन तलाक का दंश झेलना पड़ा जबकि तमाम मुस्लिम देश इस कुप्रथा से पचासों साल पहले मुक्ति पा चुके हैं। लाखों मुस्लिम बहनों और उनके बच्चों को इस तरह के किसी कानून के अभाव में भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं और उनका जीवन नारकीय बना रहा।
अमित शाह ने कहा कि आने वाला समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे बड़े समाज सुधारकों की लिस्ट में याद करेगा, क्योंकि उन्होंने किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और ओवैसी जैसे लोग आज तक इस कानून का बचाव करते रहे और दो बार इस कानून को पास होने से रोक दिया। कांग्रेस के पास खुद को प्रगतिशील दिखाने का बड़ा मौका था, लेकिन उसने यह मौका भी गंवा दिया।