भारत के पूर्व नेवी अफसर कुलदीप जाधव, जिसे पकड़ने के 9 महीने बाद पाकिस्तान ने खुद माना, सबूत कम है, वह 3 महीने में अपनी बात से पलट गया।
7 दिसंबर 2016 में क्या कहा था पाक ने
पिछले साल मार्च महीने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने पाक में खुद माना था कि कुलभूषण जाधव के खिलाफ उनकी सरकार और एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत नहीं हैं।
जियो टीवी के हवाले से बताया गया था कि सरताज अजीज ने पाक में संसद के ऊपरी सदन ‘सीनेट चैंबर’ के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि - ‘‘हिरासत में लिए गए भारतीय जासूस के खिलाफ सरकार ने सिर्फ ‘अपर्याप्त सबूत’ पेश किए हैं।’’
अजीज ने कहा कि सरकार ने जो दस्तावेज रखे हैं वह निर्णायक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए अब यह संबंधित अथॉरिटी पर निर्भर करता है कि वह कुलभूषण पर हमें दस्तावेज देने में कितना समय लेते हैं, क्योंकि वर्तमान दस्तावेज नाकाफी हैं।
3 मार्च 2017 में कैसे पलटा पाकिस्तान
नई दिल्ली कुलभूषण जाधव को सजा-ए-मौत
- फोटो : self
पाकिस्तान में गिरफ्तार किए गए कुलभूषण जाधव को स्वदेश वापस भेजने के मामले में पाकिस्तान ने पलटी मार ली है। ठोस सबूत न होने की बात कहकर कुलभूषण को स्वदेश वापस छोड़ने की बात पर अब पाकिस्तान का कहना है कि उसके पास जाधव के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और पाकिस्तान में ही उस पर मुकदमा चलेगा।
इस बात की जानकारी पाकिस्तान के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने उच्च सदन सीनेट में दी। उन्होंने कहा कि जाधव पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पाकिस्तान उसे छोड़ने पर कोई विचार नहीं कर रहा।
भारत ने इस मामले पर पहले भी कहा है कि अगर पाकिस्तान जाधव के खिलाफ सबूतों की बात कर रहा है तो उसे भारत के सामने पेश क्यों नहीं करता।
डिमार्च में कहा गया है कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कई बार राजनयिक स्तर पर जाधव से संपर्क करने की कोशिश की गई और 25 मार्च 2016 से लेकर 31 मार्च 2017 तक 13 बार औपचारिक अनुरोध किया गया। लेकिन पाकिस्तानी प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
डिमार्च के मुताबिक, जाधव को किसी भरोसेमंद साक्ष्य के बगैर मौत की सजा सुनाने का फैसला हास्यास्पद है और भारतीय उच्चायोग को भी उसके ट्रायल की जानकारी नहीं दी गई। इस मामले में जाधव को अपना पक्ष तक रखने का मौका नहीं मिला और पाकिस्तान के कोर्ट ने उनके खिलाफ सजा सुना दी।
कौन है कुलभूषण जाधव ?
मुंबई के रहने वाले कुलभूषण के पिता सुधीर जाधव और चाचा सुभाष जाधव मुंबई पुलिस में काम करते थे। वह सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी हैं। जिनमें मार्च, 2016 में पाकिस्तान ने रॉ एजेंट होने का इलजाम में वहां पर गिरफ्तार किया था। पाकिस्तान के मुताबिक, जाधव ईरान में रहते थे और वहां से पाकिस्तान के बलूचिस्तान का नियमित दौरा करते थे। भारत सरकार को लगता है कि जाधव को ईरान से पकड़ा गया है।