जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने गुरुवार को अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है।
बता दें कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की एक सेना द्वारा फांसी का फैसला सुनाए जाने के बाद भारत की तरफ से इंटरनेशनल कोर्ट में फैसले के खिलाफ अपील की थी।
कोर्ट में कई दिनों तक चली कार्यवाही में भारत और पाकिस्तान की तरफ से अलग-अलग पक्षों ने 11 जजों की बेंच के सामने कई दलीलें पेश की। आइए जानते हैं भारत-पाकिस्तान ने अपनी दलीलों में क्या क्या कहा-
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पाकिस्तान ने कुलभूषण को दी गई फांसी की सजा को जायज करार दिया और कहा कि वह रॉ एजेंट हैं जिसके जवाब में भारत की ओर से कहा गया है कि वह रॉ एजेंट नहीं बल्कि पूर्व नौ-सेना अधिकारी हैं।
पाकिस्तान ने कहा कि वह आतंकी घटनाओं में शामिल रहे हैं, जबकि भारत की तरफ से कहा गया कि वह पाकिस्तान में कारोबार कर रहे थे। मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में लाने पर पाक ने कहा कि अपराधिक मामला होने की वजह से यह मामला आईसीजे के दायरे में नहीं आता, जबकि भारत ने कहा कि यह मामला पूरी तरह अदालत के दायरे में आता है।
वहीं राजनायिक पहुंच भारत की ओर से दलील दी गई कि भारत की 16 बार राजनायिक पहुंच की मांग को पाकिस्तान ने हर बार ठुकरा दिया। भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों, मानवाधिकारों का पाकिस्तान ने पालन नहीं किया, लिहाजा फांसी के फैसले को वापस लिया जाए।