कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिल यानी आईसीजे ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाते कहा कि इस केस में भारत को कॉन्सुलर एक्सिस मिलना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगस्त महीने तक पाकिस्सान कुलभूषण जाधव को फांसी नहीं दे सकता। इस मामले में भारत के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहातगी ने इस फैसले के मायने समझाए।
उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ी तो इस मामले में संयुक्त राष्ट्र के दरवाजे भी खटखटाए जा सकते हैं। हालांकि अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी ही होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद भारत को कॉन्सुलर एक्सेस दिया जाचा चाहिए। साथ ही उनके परिवार को भी उनसे मिलने की इजाजत दी जानी चाहिए ताकि वो उनसे मिल सकें।"
उन्होंने इस जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह भारत की बड़ी सफलता है। हालांकि यह अंतिम निर्णय नहीं है और पाकिस्तान इस फैसले का मानने से इंकार भी कर सकता है। हालांकि, अब पाकिस्तान के लिए मनमानी करना अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी किरकिरी होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस फैसले ने पाकिस्तान को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया है।
मुकुल रोहातगी ने कहा कि दोनों पक्षों की तरफ से इस फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई की अंतिम फैसला भी भारत के पक्ष में ही आएगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक जीत पर विदेश मंत्रालय और मामले से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।